कोंडागांव, 18 नवंबर 2025 | कोंडागांव नगर के डोंगरी पारा क्षेत्र में बिना जाँच और एकतरफा प्रशासनिक कार्रवाई का मामला सामने आया है। डोंगरीपारा निवासी श्रीमती सुनीता देवांगन ने आरोप लगाया है कि प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद उनके मकान का एक हिस्सा तोड़ दिया गया। इस कार्रवाई के विरोध में उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी (रा.) के नाम मंगलवार को ज्ञापन सौंपकर वस्तुस्थिति की जाँच और निष्पक्ष कार्रवाई की माँग की है।
40 वर्षों से निवास, फिर भी कार्रवाई
श्रीमती सुनीता देवांगन के अनुसार उनका परिवार पिछले चार दशकों से नजूल भूमि पर बने अपने मकान में निवास कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में उन्हें नगरपालिका से निर्माण की विधिवत अनुमति भी प्राप्त हुई थी।

पड़ोसी की शिकायत के बाद विवाद बढ़ा
शिकायत में कहा गया है कि पड़ोसी श्रीमती उर्मिला सिन्हा द्वारा गलत जानकारी देकर तहसीलदार कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया। मकान निर्माण से संबंधित प्रकरण पहले से ही तहसीलदार न्यायालय में विचाराधीन था, लेकिन इसके बावजूद बिना जाँच टीम मौके पर पहुँच गई और तोड़फोड़ कर दी गई।
समझौते के बावजूद तोड़फोड़
पीड़िता ने दावा किया कि मौके पर दोनों पक्षों के बीच समझौते की प्रक्रिया चल रही थी, जिसमें 20 फीट लंबाई जमीन छोड़ने तथा सड़क की ओर से भी कुछ हिस्सा देने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद प्रशासन ने किसी निष्कर्ष या जाँच के बिना ही कार्रवाई कर दी।
नियमों के विरुद्ध निर्माण पर भी सवाल
श्रीमती सुनीता देवांगन ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा भी पट्टे की भूमि के अलावा लगभग 400 वर्गफीट नजूल भूमि पर अवैध निर्माण किया गया है, लेकिन उस पर किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई।
मोहल्लेवासियों ने जताई नाराजगी
अचानक हुई तोड़फोड़ से स्थानीय निवासियों में भी आक्रोश फैल गया। लोगों ने इस एकतरफा और कथित रूप से पक्षपातपूर्ण कार्रवाई पर विरोध जताते हुए मोहल्ले में बैठकें आयोजित कीं।
न्याय की माँग
पीड़िता सुनीता देवांगन ने एसडीएम कोंडागांव से मामले की निष्पक्ष जाँच करवाकर उचित न्याय दिलाने की अपील की है। उन्होंने भूमि एवं भवन संबंधी सभी दस्तावेजों की प्रतियाँ भी ज्ञापन के साथ संलग्न की हैं।
मंगलवार शाम 4 बजे पीड़ित परिवार एसडीएम कार्यालय पहुँचा और मीडिया को अपनी आपबीती बताई।
