कोंडागांव, 7 अगस्त 2025: शिक्षा सत्र 2025-26 के अंतर्गत शासन के निर्देशानुसार आयोजित प्रथम पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन आज संकुल केंद्र मारागांव के अंतर्गत सभी विद्यालयों में उत्साहपूर्वक किया गया। यह बैठक प्रा.शा./मा.शा. मारागांव, प्लाटपारा, सिवनी पारा, सलना व बोण्डकापदर (सलना) में सम्पन्न हुई।
बैठक का उद्देश्य पालकों, शिक्षकों और बच्चों के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए साझा प्रयास करना रहा।
सभा को संबोधित करते हुए संकुल समन्वयक रामदेव कौशिक ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चों को तनावमुक्त और जागरूक बनाना भी है। उन्होंने यह भी बताया कि पालक व शिक्षक यदि नियमित संवाद में रहें तो बच्चों को सही समय पर मार्गदर्शन और प्रेरणा मिल सकती है, जिससे वे पढ़ाई के दबाव में अवसाद या तनाव का शिकार नहीं होंगे।
बैठक में प्रमुख रूप से जिन विषयों पर चर्चा हुई, वे इस प्रकार हैं:
बच्चों के घर का वातावरण एवं दिनचर्या
“बच्चा बोलेगा बेझिझक” अभियान के तहत संवाद बढ़ाने पर जोर
अकादमिक प्रगति और सतत मूल्यांकन की जानकारी
बस्ता रहित शनिवार की पहल और उद्देश्य
स्वास्थ्य परीक्षण व पोषण जागरूकता
जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र की जानकारी
न्योता भोज की परंपरा और जागरूकता
छात्रवृत्तियाँ और विभागीय योजनाएँ
पाक्सो एक्ट 2012 का प्रचार-प्रसार
दीक्षा एप, ई-जादुई पिटारा व डिजिटल लाइब्रेरी जैसे डिजिटल संसाधनों के माध्यम से बच्चों में समझ और सीख की वृद्धि
उपस्थित गणमान्य एवं शिक्षकगण:
इस महत्वपूर्ण बैठक में पालकों के साथ ग्राम के सरपंच, पटेल, गायता, पुजारी, एसएमसी सदस्य, मध्यान्ह भोजन संचालन समूह एवं बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
शिक्षकों में प्रमुख रूप से सिया पोयाम, दिव्या देवांगन, जगबती ठाकुर, नवल दास मानिकपुरी, लितु सलाम, लीला शंकर सोरी, मनीराम नेताम, घनश्याम यादव, नवीन कुमार उईके, सोमीराम नेताम, देवलाल सोरी, बुधुराम सोरी, हेमराज कंवर, गोपीका भोई, उर्मिला ध्रुव, ईश्वर साहू, जयप्रकाश पोयाम, घड़वाराम सोरी, कश्मीर तिर्की, शत्रुघ्न महिलांगे, धरम नायक, चैतराम नेताम, सविता नेताम, नंदनी पोर्ते, भरत देवांगन, कलेश्वर चनाप सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।
यह बैठक ना केवल पालकों को स्कूल गतिविधियों से जोड़ने का माध्यम बनी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, बच्चों में तनाव मुक्त सीखने का माहौल बनाने और ड्रॉप आउट रोकने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुई। आगामी बैठकों में और अधिक जागरूकता एवं सहभागिता की अपेक्षा जताई गई।
