रायगढ़। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देश में संसाधनों के संतुलित उपयोग को लेकर केंद्र सरकार गंभीर नजर आ रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देशवासियों से की गई सात महत्वपूर्ण अपीलों का असर अब राज्यों में भी दिखाई देने लगा है।
छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त मंत्री चौधरी ने प्रधानमंत्री के संदेश को व्यवहारिक रूप देते हुए बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घोषणा करते हुए कहा कि अब वे सुरक्षा संबंधी अनिवार्य परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी प्रकार की ‘पायलट’ और ‘फॉलो’ गाड़ियों का उपयोग नहीं करेंगे।
मंत्री चौधरी का यह निर्णय ईंधन बचत, सरकारी खर्च में कटौती और संसाधनों के न्यूनतम उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों में शासन और जनप्रतिनिधियों को भी सादगी एवं जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशहित में सात प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की अपील की थी, जिनका उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखना और पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम करना है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से निजी वाहनों का कम उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने, अनावश्यक विदेश यात्राएं टालने, सोने की खरीद सीमित करने तथा स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की बात कही थी।
इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों और रेलवे के उपयोग को बढ़ावा देने, प्राकृतिक खेती अपनाने तथा खाद्य तेल की खपत कम करने पर भी जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन सुझावों को व्यापक स्तर पर अपनाया गया, तो देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलने के साथ-साथ आयात व्यय में भी कमी आएगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी का यह कदम अब प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे प्रधानमंत्री की अपील पर अमल का एक व्यावहारिक उदाहरण माना जा रहा है।
