कोरबा। सिख पंथ के नौवें गुरु, शहीदी और मानवता के अद्वितीय प्रतीक श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी की 350वीं शहीदी शताब्दी के पावन अवसर पर देशभर में धार्मिक आयोजन शुरू हो चुके हैं। इसी क्रम में 21 अगस्त 2025 को असम के श्री गुरुद्वारा डुबरी साहिब से एक भव्य धार्मिक यात्रा (नगर कीर्तन) की शुरुआत हुई है, जो पूरे भारत के विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों और पवित्र स्थलों से होते हुए आगे बढ़ रही है। यह ऐतिहासिक यात्रा 18 सितम्बर 2025 को छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में प्रवेश करेगी।
कोरबा में भव्य स्वागत की तैयारियाँ
कोरबा नगर में इस पावन नगर कीर्तन और गुरमत समागम के लिए संगतों द्वारा जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। नगर के प्रमुख मार्गों को साफ-सुथरा कर सजाया जाएगा, ताकि जब नगर कीर्तन कोरबा पहुँचे तो संगत श्रद्धा और उत्साह के साथ इसका स्वागत कर सके। नगर कीर्तन के दौरान विशेष झांकी निकाली जाएगी, जिसमें गुरु साहिब के जीवन, उपदेश और शहीदी प्रसंगों को दर्शाया जाएगा।
धर्म, शांति और एकता का संदेश
श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी ने अपने जीवन में धर्म की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया, वह केवल सिख पंथ ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत है। उनका जीवन यह सिखाता है कि अन्याय, अत्याचार और धर्म के दमन के खिलाफ खड़ा होना ही सच्ची सेवा है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों तक यही संदेश पहुँचाना है – धर्म की रक्षा करो, मानवता की सेवा करो और समाज में भाईचारे को बढ़ावा दो।
विशेष कार्यक्रम
कोरबा में आयोजित होने वाले गुरमत समागम में कीर्तन दरबार सजाया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध रागी जत्थे (कीर्तन मंडली) गुरु घर के अमृतमय शब्दों का गायन करेंगे। संगत के लिए लंगर (सामूहिक भंडारा) का आयोजन किया जाएगा।
देशभर से संगत की भागीदारी
गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और श्री गुरु सिंह सभा, टी.पी. नगर, कोरबा ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे परिवार सहित इस ऐतिहासिक अवसर पर शामिल हों। पूरे देश से संगत बड़ी संख्या में कोरबा पहुँचने की संभावना है। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक होगा।
समापन आनंदपुर साहिब में
यह पावन यात्रा 23 नवम्बर 2025 को पंजाब के आनंदपुर साहिब में महान समागम के साथ संपन्न होगी। वहाँ विशेष दीवान, कीर्तन, कविश्री और धार्मिक भाषणों का आयोजन होगा। इस अवसर पर देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु एकत्र होंगे और गुरु साहिब के अमर बलिदान को स्मरण करेंगे।
श्री गुरु तेग बहादर जी बलिदान, धर्म दी चढ़दी कला दी पहचान।
हम सभी संगत से निवेदन करते हैं कि वे इस ऐतिहासिक यात्रा में भाग लेकर इसे सफल बनाएं और गुरु साहिब के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग दें। श्री गुरु सिंह सभा, टी.पी. नगर कोरबा
