राजनांदगांव:बालोद में दिनदहाड़े छात्रा पर एसिड अटैक की घटना बेहद शर्मनाक और गंभीर है। इस घटना ने छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और अपराधियों में कानून का भय नजर नहीं आ रहा है।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता चुम्मन साहू ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री दोनों को इस घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अगर गृह मंत्री से गृह विभाग नहीं संभल रहा है और प्रदेश की बेटियों को सुरक्षा नहीं मिल पा रही है, तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब पुलिस विभाग में पदस्थ परिवार की बेटी भी दिनदहाड़े सुरक्षित नहीं है, तो आम परिवारों की बेटियां और महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर किस पर भरोसा करें? भाजपा सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे करती है, लेकिन ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
चुम्मन साहू ने कहा कि भाजपा सरकार को अब सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करनी होगी। मुख्यमंत्री स्पष्ट करें कि महिला सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और गृह मंत्री बताएं कि अपराधियों में कानून का डर पैदा करने में भाजपा सरकार क्यों नाकाम हो रही है।
उन्होंने मांग की कि पीड़ित छात्रा का बेहतर से बेहतर उपचार कराया जाए, परिवार को हरसंभव सहायता दी जाए और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
चुम्मन साहू ने कहा, “यह सिर्फ एक छात्रा की लड़ाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की हर बेटी की सुरक्षा और सम्मान का सवाल है। भाजपा सरकार को जवाब देना होगा अगर बेटियां ही सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर सरकार की प्राथमिकता क्या है?”
