वेदांता समूह की भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य परियोजना ‘आरोग्य’ के तहत दो दिवसीय युवा नेतृत्व एवं विकास मॉडल प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्वास्थ्य जागरूकता, जिम्मेदारी और समुदाय के लिए नेतृत्व कौशल से सशक्त करना था।
कार्यक्रम में 80 से अधिक युवाओं ने सहभागिता की। दो दिनों के प्रशिक्षण में उन्हें नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास और मानसिक सशक्तिकरण से जुड़े प्रमुख विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।
प्रमुख सत्रों में शामिल थे—
✔ आत्म-जागरूकता व व्यक्तित्व विकास
✔ तनाव और भावनात्मक प्रबंधन
✔ प्रभावी संप्रेषण कौशल
✔ समस्या-समाधान और निर्णय क्षमता
✔ एचआईवी/एड्स और टीबी की रोकथाम
✔ लक्षणों की पहचान और सामाजिक कलंक दूर करने के उपाय
✔ यौन स्वास्थ्य और सुरक्षित व्यवहार संबंधी वैज्ञानिक जानकारी
विशेषज्ञों ने बताया कि एचआईवी/एड्स और ट्यूबरक्लोसिस को लेकर समाज में अभी भी कई भ्रांतियाँ हैं। इसलिए युवाओं का जागरूक होना और सही जानकारी समुदाय तक पहुँचाना बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों ने साझा किया ज्ञान
कार्यक्रम में सरकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी—
डॉ. रविकांत सिंह राठौर (नोडल अधिकारी, एचआईवी/एड्स कार्यक्रम)
बी. आर. रात्रे (नोडल अधिकारी, टीबी कार्यक्रम)
वीना मिस्त्री (आईसीटीसी काउंसलर)
ने युवाओं को विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया। बालको, स्रोत (एनजीओ साथी) और सरकारी विभागों की संयुक्त भागीदारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य तंत्र को और मजबूत किया।
बालको सीईओ का प्रेरक संदेश
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा—
"जागरूक और सशक्त युवा ही स्वस्थ समाज की नींव हैं। यह प्रशिक्षण उन्हें नेतृत्व, जिम्मेदारी और स्वास्थ्य जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार करता है। हमें विश्वास है कि ये युवा अपने समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाएँगे।"
नुक्कड़ नाटक से दिया प्रभावशाली संदेश
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी युवाओं ने एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवहार, एचआईवी/टीबी जागरूकता और सामाजिक संदेशों को सरल भाषा में आमजन तक पहुँचाने का प्रयास किया गया।
समुदाय में स्वास्थ्य सशक्तिकरण की ओर बड़ा कदम
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षित युवाओं को अपने परिवारों, मित्रों और समुदायों में स्वास्थ्य साक्षरता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
‘एक प्रशिक्षित युवा = दस जागरूक नागरिक’ के संकल्प के साथ यह अभियान कोरबा क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता को नया आयाम देने के लिए तैयार है।
