वेदांता ने रचा इतिहास, BSE - NSE पर एक साथ 4 नई कंपनियां लिस्ट, भारत के औद्योगिक भविष्य को मिलेगी नई उड़ान

मुंबई। भारतीय कॉर्पोरेट जगत में 17 जून 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब वेदांता समूह ने अपनी चार नव-डिमर्ज्ड कंपनियों को बीएसई और एनएसई पर सफलतापूर्वक सूचीबद्ध कर दिया। इसके साथ ही वेदांता ने एक साथ सबसे अधिक स्वतंत्र कंपनियों की स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह कदम भारत के औद्योगिक, ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

 

एक साथ चार कंपनियों की हुई लिस्टिंग

 

वेदांता समूह की चार नई कंपनियां – वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता आयरन एंड स्टील और वेदांता पावर – अब स्वतंत्र रूप से शेयर बाजार में कारोबार करेंगी। इन कंपनियों के जरिए समूह ने विभिन्न क्षेत्रों में अपने कारोबार को अलग पहचान और नई दिशा देने की रणनीति अपनाई है।

 

अनिल अग्रवाल ने बताया ऐतिहासिक क्षण

 

लिस्टिंग समारोह के दौरान वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने इसे कंपनी के इतिहास का भावनात्मक और गौरवपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि 24 साल पहले वेदांता लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी थी और आज उसी यात्रा का नया अध्याय भारत में लिखा गया है।

 

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा परिवर्तन और उन्नत विनिर्माण तकनीकों के कारण खनिज, धातु और ऊर्जा की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में वेदांता की नई कंपनियां देश की आत्मनिर्भरता और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

 

वेदांता एल्युमिनियम बनेगी वैश्विक ताकत

 

वेदांता एल्युमिनियम भारत का सबसे बड़ा एल्युमिनियम उत्पादक है और चीन के बाहर दुनिया के शीर्ष उत्पादकों में शामिल है। कंपनी की वर्तमान उत्पादन क्षमता 30 लाख टन प्रतिवर्ष है, जिसे अगले तीन वर्षों में बढ़ाकर 60 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी का उद्देश्य दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे कम लागत वाला एल्युमिनियम उत्पादक बनना है।

 

ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा वेदांता ऑयल एंड गैस

 

वेदांता ऑयल एंड गैस भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की तेल एवं गैस उत्पादक कंपनी के रूप में अपनी नई शुरुआत कर रही है। कंपनी अगले कुछ वर्षों में लगभग 5 अरब डॉलर का निवेश कर उत्पादन को 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है। इससे भारत की आयात निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

 

इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की रीढ़ बनेगा वेदांता आयरन एंड स्टील

 

वेदांता आयरन एंड स्टील वर्तमान में लगभग 40 लाख टन स्टील का उत्पादन करता है। कंपनी ने भविष्य में अपनी क्षमता बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य तय किया है। ग्रीन स्टील, इलेक्ट्रिकल स्टील और विशेष स्टील उत्पादन पर इसका विशेष फोकस रहेगा।

 

भारत की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करेगी वेदांता पावर

 

वेदांता पावर वर्तमान में 4.2 गीगावाट क्षमता के साथ देश की प्रमुख थर्मल पावर कंपनियों में शामिल है। कंपनी आने वाले वर्षों में अपनी क्षमता बढ़ाकर 20 गीगावाट तक पहुंचाने की योजना बना रही है। इसके साथ ही न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में संभावनाओं का भी अध्ययन किया जा रहा है।

 

क्रिटिकल मिनरल्स का केंद्र बनी रहेगी वेदांता लिमिटेड

 

चार नई कंपनियों के अलग होने के बाद भी वेदांता लिमिटेड समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई बनी रहेगी। हिंदुस्तान जिंक, सिल्वर, कॉपर, निकेल और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का विशाल पोर्टफोलियो इसके पास रहेगा, जो भारत की औद्योगिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगा।

 

भारत के विकास में निभाएंगी अहम भूमिका

 

विशेषज्ञों का मानना है कि वेदांता की यह रणनीतिक पुनर्संरचना भारत की ऊर्जा सुरक्षा, अवसंरचना विकास, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई गति देगी। यह कदम भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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