खबर का असर: नवागढ़ में रोजगार सहायकों की अनियमितताओं पर CEO सख्त, जांच के आदेश और नोटिस जारी करने की तैयारी

जांजगीर-चांपा। नवागढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र में रोजगार सहायकों द्वारा कथित अनियमितताओं और मनमानी से जुड़े मामलों के सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। खबर प्रकाशित होने के बाद जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) बी.आर. वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित रोजगार सहायकों को नोटिस जारी करने और पूरे प्रकरण की जांच कराने की बात कही है।

बताया जा रहा है कि क्षेत्र में पूर्व में कार्यरत आवास मित्रों से ही कार्य कराए जाने, ग्रामीणों से कथित रूप से अवैध वसूली करने तथा मनरेगा (जीआरएम/जीआरएमएस से जुड़े कार्यों) में अनियमितताओं की शिकायतें की जानकारी लगातार सामने आई थीं। आरोप है कि कई स्थानों पर वास्तविक कार्यस्थल की बजाय अन्य जगहों की तस्वीरें अपलोड कर हाजिरी दर्ज की गई, जबकि कुछ मामलों में बिना कार्य किए भी फोटो अपलोड कर रिकॉर्ड तैयार करने की जानकारी मिली थी।

इन जानकारियों को मीडिया के माध्यम से सामने लाए जाने के बाद CEO बी.आर. वर्मा ने कहा कि सभी जानकारियों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जिन रोजगार सहायकों के खिलाफ प्रथम दृष्टया अनियमितता के तथ्य सामने आएंगे, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

मीडिया के सामने आने पर सीईओ ने दी सख्त आदेश

CEO ने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, फर्जीवाड़ा या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सहित आवश्यक वैधानिक कदम भी उठाए जाएंगे।

अब क्षेत्र के ग्रामीणों की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और क्या सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं।

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