जांजगीर-चांपा। जिले के नवागढ़ विकासखंड में रोजगार सहायकों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर नियमों की अनदेखी करते हुए पूर्व में कार्यरत आवास मित्रों से सरकारी कार्य कराए जा रहे हैं। साथ ही विभिन्न कार्यों के नाम पर ग्रामीणों से अवैध रूप से राशि वसूले जाने की मामला सामने आ रहा है
पूर्व आवास मित्रों से कराया जा रहा सरकारी कार्य
मिली जानकारी के अनुसार जिन आवास मित्रों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, उनसे अब भी आवास और अन्य योजनाओं का जियो टैग कराए जा रहे हैं। आरोप है कि इसके एवज में हितग्राहियों से मोटी रकम की भी मांग की जा रही है, जिससे आम लोगों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नरेगा के कार्यों में भी अनियमितता के आरोप
मिली जानकारी के अनुसार मनरेगा के तहत किए जा रहे कार्यों में भी भारी लापरवाही बरती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन स्थानों पर कार्य हुआ ही नहीं, वास्तविक कार्यस्थल की बजाय किसी अन्य स्थान की तस्वीरें लेकर पोर्टल पर अपलोड किए जाने की भी आरोप है। इसकी जानकारी RTI के माध्यम से लिया जा रहा है,
सीईओ बी.आर. वर्मा कॉल उठाने में रहे असमर्थ
इन सभी मामलों की जानकारी जनपद पंचायत नवागढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) बी.आर. वर्मा को देने का प्रयास किया गया लेकिन वह कार्यालय से बाहर रहे, तो कॉल किया गया लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया है। अब देखना यह होगा कि CEO के संज्ञान में आते ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई किया जाएगा या बाकियों की तरह यू ही छोड़ दिया जाएगा
अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
नवागढ़ जनपद पंचायत में यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो सकते हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि जनपद पंचायत इसको कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
