गांव में सफाई व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, ग्राम प्रधान के बातों को भी नहीं मानते सफाई कर्मी

गाजीपुर। मनिहारी विकास खण्ड एक बार फिर अपने कारनामों को लेकर चर्चा में है। कहा जाता है कि गांव का मुखिया ही गांव का मुख्यमंत्री होता है, लेकिन यहां हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। ताजा मामला ग्राम पंचायत सुल्तानपुर बैरीसाल का है, जहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। ग्राम पंचायत में दो सफाई कर्मी—सलीम अंसारी और राकेश वर्मा—की तैनाती होने के बावजूद गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कर्मी नियमित रूप से काम नहीं करते, जिसके चलते लोगों को खुद ही गांव की साफ-सफाई करनी पड़ती है। जब मौके पर पड़ताल की गई तो स्थिति और भी चिंताजनक दिखाई दी। गांव के सचिवालय परिसर के आसपास घास-फूस और खरपतवार उगे हुए मिले। खिड़कियों पर जाले लटके नजर आए, जिससे साफ जाहिर होता है कि महीनों से यहां सफाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि तैनात सफाई कर्मी खुद काम करने के बजाय दूसरों से काम करवाते हैं। जब इस मामले पर ग्राम विकास अधिकारी से बातचीत की गई तो उन्होंने सफाई कर्मियों का बचाव करते हुए कहा कि समय-समय पर सफाई कराई जाती है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। वहीं, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कैलाश ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए अपने लेटर पैड पर लिखित शिकायत की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दो सफाई कर्मियों की तैनाती के बावजूद गांव में सफाई नहीं हो रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई कर्मियों के आने का कोई निश्चित समय नहीं है और शिकायत के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता।

प्रधान प्रतिनिधि ने एडीओ पंचायत मनिहारी से मांग की है कि दोनों सफाई कर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटाकर जिम्मेदार कर्मियों की नियुक्ति की जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि जब खुद गांव का प्रतिनिधि कार्रवाई की मांग कर रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारी आखिर क्यों मौन हैं? क्या यह लापरवाही है या फिर सिस्टम में कहीं न कहीं मिलीभगत?

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