महराजगंज ,परतावल चिराग तले अंधेरा” वाली कहावत इन दिनों उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद के परतावल विकास खंड परिसर में पूरी तरह चरितार्थ हो रही है।
चिराग तले अंधेरा” वाली कहावत इन दिनों उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद के परतावल विकास खंड परिसर में पूरी तरह चरितार्थ हो रही है। सरकार जहां एक ओर स्वच्छ भारत मिशन को लेकर पानी की तरह पैसा बहा रही है, वहीं परतावल ब्लॉक मुख्यालय के भीतर ही स्वच्छता व्यवस्था की सरेआम पोल खुलती नजर आ रही है। यहाँ हैरान कर देने वाला नजारा तब देखने को मिला, जब पूरे क्षेत्र की सफाई की कमान संभालने वाले एडीओ पंचायत कार्यालय के ठीक सामने ही गंदगी और कूड़े का अंबार लगा पाया गया।
77 ग्राम सभाओं की सफाई का जिम्मा, लेकिन खुद का परिसर बदहाल
हैरानी और विडंबना की बात यह है कि परतावल ब्लॉक के एडीओ पंचायत कार्यालय पर क्षेत्र की 77 ग्राम सभाओं की सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग और निगरानी की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जो अधिकारी पूरे क्षेत्र को स्वच्छ रखने का फरमान जारी करता है, उसी के नाक के नीचे ब्लॉक परिसर के कई स्थानों पर कूड़ा-करकट फैला हुआ है।
हद तो तब हो गई जब परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए लगाए गए पौधों और फूलों की सुंदर क्यारियों में भी प्लास्टिक और गंदगी का ढेर जमा देखा गया। यह नजारा शासन और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान के खोखले दावों पर सीधे तौर पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
ग्रामीणों और कर्मचारियों में आक्रोश, बोले- ‘जब मुख्यालय का यह हाल, तो गांवों का क्या होगा’
ब्लॉक परिसर में रोजाना सैकड़ों की संख्या में अपनी समस्याओं को लेकर ग्रामीण और कर्मचारी आते हैं, जिन्हें इस गंदगी और बदबू के कारण भारी असुविधा और नारकीय स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की तीखी प्रतिक्रिया: स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी वाले ब्लॉक मुख्यालय परिसर की अपनी स्थिति इतनी बदतर है, तो उनके अधीन आने वाले सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ब्लॉक परिसर की नियमित रूप से वैज्ञानिक ढंग से सफाई कराई जाए और लापरवाह जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाए।
