कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने एग्रीस्टैक में बकेट क्लेम की प्रगति की समीक्षा की...

जांजगीर-चांपा, कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने आज एग्रीस्टैक के अंतर्गत बकेट क्लेम एवं किसान पंजीयन की प्रगति की समीक्षा के लिए जिले के सभी समिति सुपरवाइजर, ब्रांच मैनेजर, समिति प्रबन्धक, समिति ऑपरेटरों की बैठक ली। उन्होंने 15 अगस्त तक लंबित बकेट क्लेम एवं किसान पंजीयन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।


कलेक्टर ने कहा कि किसानों के किसान पंजीयन के दौरान उनके नाम दर्ज सभी संबंधित खसरों को व्यवस्थित रूप से जोड़ते हुए बकेट क्लेम की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। किसी भी किसान का एक भी खसरा छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रतिदिन कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि जिन किसानों के बकेट क्लेम लंबित हैं, उनसे संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कराई जाए। किसान के एक भी खसरे अथवा सह-खातेदार के छूट जाने पर बकेट क्लेम पूर्ण नहीं हो पाता, इसलिए प्रत्येक प्रकरण की सावधानीपूर्वक जांच की जाए।


कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को बकेट अनक्लेम्ड की सूची निकालकर उसमें शामिल किसानों से संपर्क करने तथा उनके लंबित प्रकरणों का निराकरण कराने के निर्देश दिए। जिन किसानों का किसान पंजीयन पूर्व में हो चुका है, उनके शेष खसरों को आवश्यकतानुसार जोड़ने अथवा हटाने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने कहा।उन्होंने कहा कि ऐसे किसानों की सूची भी तैयार रखी जाए, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, ताकि मैदानी अमले के माध्यम से उनसे संपर्क कर किसान पंजीयन एवं बकेट क्लेम की प्रक्रिया पूर्ण कराई जा सके।डिप्टी कलेक्टर श्रीमती ऋचा सिंह, अधीक्षक श्री विनय पटेल सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

एग्रीस्टैक में किसान पंजीयन की अंतिम तिथि 15 अगस्त

कलेक्टर महोबे ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि सभी भूमिस्वामी, नंबरदार एवं सह-खातेदार अपने सभी खसरों का किसान पंजीयन अनिवार्य रूप से कराएं। किसान अपना पंजीयन कराने के लिए जब पटवारी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उनके घर आएं, तो उन्हें अपना आधार एवं आवश्यक ओटीपी उपलब्ध कराएं। साथ ही अपने सभी सह-खातेदारों का भी आधार एवं ओटीपी उपलब्ध कराएं, ताकि उनके सभी संबंधित खसरों का पंजीयन पूर्ण हो सके। किसान अपने नजदीकी चॉइस सेंटर अथवा धान उपार्जन समिति में जाकर भी किसान पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा एग्रीस्टैक की वेबसाइट में किसान कॉर्नर के माध्यम से स्वयं भी पंजीयन किया जा सकता है।


कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि 15 अगस्त 2026 की अंतिम तिथि से पहले अपने एवं अपने सभी सह-खातेदारों के सभी खसरों का किसान पंजीयन पूर्ण कराएं, ताकि भविष्य में धान विक्रय एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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