सिवनी में लोकतंत्र की पाठशाला, स्वामी आत्मानंद विद्यालय में हुआ बाल संसद चुनाव

सिवनी में लोकतंत्र की पाठशाला, स्वामी आत्मानंद विद्यालय में हुआ बाल संसद चुनाव

मतदान से नेतृत्व तक... विद्यार्थियों ने सीखा लोकतंत्र का पाठ, बाल संसद चुनाव में दिखा उत्साह

अवास कैवर्त /गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। लोकतंत्र केवल किताबों में पढ़ने का विषय नहीं, बल्कि उसे समझने और व्यवहार में उतारने का भी माध्यम है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए जिले के सिवनी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय में बाल संसद चुनाव का आयोजन किया गया। चुनाव में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया और अपने प्रतिनिधियों का चयन किया।बाल संसद चुनाव के दौरान विद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मतदाता की भूमिका निभाते हुए अपने पसंदीदा प्रतिनिधियों के पक्ष में मतदान किया। मतदान से लेकर प्रतिनिधियों के चयन तक की पूरी प्रक्रिया ने विद्यार्थियों के भीतर नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी, निर्णय लेने की क्षमता और लोकतांत्रिक सोच विकसित करने का अवसर प्रदान किया।

विभिन्न पदों के लिए विद्यार्थियों ने किया मतदान

बाल संसद में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विभागों के मंत्री पद निर्धारित किए गए। इनमें प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, वित्त मंत्री, खेल मंत्री, पर्यावरण मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, कृषि एवं उद्योग मंत्री तथा कानून एवं रक्षा मंत्री के पद शामिल रहे।इन पदों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि किसी संस्था या समाज को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए जिम्मेदारी, अनुशासन, निर्णय क्षमता और टीमवर्क कितने महत्वपूर्ण हैं।

लोकतंत्र को करीब से समझने का मिला अवसर

बाल संसद चुनाव विद्यार्थियों के लिए महज एक चुनाव नहीं रहा, बल्कि उन्हें लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का व्यावहारिक अवसर मिला। मतदान प्रक्रिया में भाग लेकर विद्यार्थियों ने प्रतिनिधि चुनने, जिम्मेदारी सौंपने और नेतृत्व की भूमिका को समझा।इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

प्राचार्य और यूथ एवं इको क्लब प्रभारी की रही महत्वपूर्ण भूमिका 

बाल संसद चुनाव के आयोजन में विद्यालय के प्राचार्य श्री ओ. पी. सूर्यवंशी का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। वहीं यूथ एवं इको क्लब प्रभारी श्री आर. एल. साहू ने भी आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।विद्यालय की इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जिम्मेदारी, अनुशासन, सहभागिता, नेतृत्व और दूसरों के अधिकारों का सम्मान भी शामिल है।

भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में पहल

बाल संसद जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। छोटी उम्र से ही बच्चों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने से उनमें जिम्मेदारी और नेतृत्व की भावना विकसित होती है।सिवनी के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय में आयोजित बाल संसद चुनाव इसी दिशा में एक सार्थक पहल रहा, जहां विद्यार्थियों ने मतदान के माध्यम से लोकतंत्र को सिर्फ पढ़ा नहीं, बल्कि उसे व्यवहारिक रूप से अनुभव भी किया।

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