जांजगीर-चांपा, कलेक्टर जन्मेजय महोबे की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सेवा सेतु पोर्टल में विभिन्न विभागों की जोड़ी गई नई सेवाओं के ऑनलाइन संचालन एवं आवेदनों के समय-सीमा में निराकरण के संबंध में संबंधित विभागों के उपयोगकर्ता अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित सेवा सेतु पोर्टल में जोड़ी गई नई सेवाओं के ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने, उनका परीक्षण एवं सत्यापन करने तथा नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार पोयाम, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर, ईडीएम सुनील कुमार साहू सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
प्रशिक्षण में कृषि विभाग की कृषि उर्वरक लाइसेंस, बीज लाइसेंस, कीटनाशक लाइसेंस, बीज लाइसेंस नवीनीकरण, नई किस्म के बीजों को शामिल करने तथा कृषि उपकरण पंप एवं किसान समृद्धि योजना से संबंधित सेवाओं की जानकारी दी गई। ग्रामोद्योग विभाग की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा ग्रामोद्योग इकाइयों के पंजीयन एवं नवीनीकरण संबंधी सेवाओं को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया बताई गई। इसी प्रकार रेशम विभाग की टसर रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम, नैसर्गिक टसर, कोसा उत्पादन विकास योजना, मलबरी रेशम विकास एवं विस्तार कार्यक्रम तथा सेरीकल्चर एड अंडर मलबरी प्लांटेशन से संबंधित सेवाओं के ऑनलाइन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया।
लोक निर्माण विभाग की एमओआरटीएच दिशानिर्देशों के अंतर्गत राज्य राजमार्ग, अनुसूचित सड़क से प्रवेश-निकास हेतु अनापत्ति, अनुमति, दूरी प्रमाण पत्र जारी करना तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे भवन रेखा निर्धारण संबंधी सेवाओं की प्रक्रिया समझाई गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की नलकूप खनन की अनुमति, हैंडपंप सुधार की सूचना तथा पेयजल स्रोतों के परीक्षण से संबंधित सेवाओं की ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। शिक्षा विभाग की स्थानांतरण प्रमाण पत्र आवेदन फार्म संबंधी सेवा तथा राजस्व विभाग की अस्वच्छ व्यवसाय में कार्यरत परिवार के बच्चों के लिए केंद्र प्रवर्तित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र, सड़क दुर्घटना में गंभीर घायल/मृत्यु होने के प्रकरण में आर्थिक सहायता तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग प्रमाण-पत्र से संबंधित सेवाओं के ऑनलाइन निराकरण की प्रक्रिया बताई गई।
खाद्य विभाग की छत्तीसगढ़ केरोसिन व्यापारी अनुज्ञापन आदेश, 1979 के अंतर्गत व्यापार अनुज्ञप्ति एवं नवीनीकरण, छत्तीसगढ़ नाप्था (अनुज्ञापन तथा नियंत्रण) नियम 2000 के अंतर्गत व्यापार अनुज्ञप्ति एवं नवीनीकरण तथा छत्तीसगढ़ विलायक, रेफिनेट एवं स्लॉप (अनुज्ञापन तथा नियंत्रण) नियम 2000 के अंतर्गत व्यापार अनुज्ञप्ति एवं नवीनीकरण संबंधी सेवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही नाप-तौल उपकरणों के मूल मुद्रांकन एवं सत्यापन की प्रक्रिया से भी अधिकारियों को अवगत कराया गया। खनिज विभाग की गौण खनिज साधारण रेत के रॉयल्टी पेड अभिवहन पार-पत्र एवं परिवहन हेतु अभिवहन पार-पत्र जारी करने तथा तौल मशीन के खनिज ऑनलाइन पोर्टल से इंटीग्रेशन संबंधी सेवाओं की जानकारी दी गई।
खेल विभाग की मेधावी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि हेतु आवेदन, संघ/संस्थाओं को विभागीय मान्यता प्रदान करने हेतु आवेदन (फॉर्म-ए) तथा संघ/संस्थाओं को आर्थिक सहायता हेतु आवेदन (परिशिष्ट-ब) की ऑनलाइन प्रक्रिया समझाई गई। पशुधन विभाग की पशु रोग उद्भेदों की सूचना प्राप्ति पर कार्यवाही संबंधी सेवा तथा मछली पालन विभाग की त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के तालाब पट्टे के प्रकरण प्रस्तुत करने, बीमित मछुआरों की मृत्यु/स्थायी अपंगता होने पर दुर्घटना बीमा राशि का प्रकरण तैयार करने तथा हितग्राहियों के मछली पालन हेतु ऋण प्रकरण तैयार कर प्रस्तुत करने संबंधी सेवाओं का प्रशिक्षण दिया गया। पंचायत विभाग की नल कनेक्शन हेतु आवेदन ग्राम पंचायत के लिए तथा कॉलोनाइजर के पंजीयन हेतु अनापत्ति प्रमाण-पत्र से संबंधित सेवाओं की ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। वहीं संस्कृति विभाग की फिल्म शूटिंग हेतु आवेदन, अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर सब्सिडी हेतु आवेदन तथा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना सहित अन्य सेवाओं को ऑनलाइन प्रोसेस करने की प्रक्रिया से अधिकारियों को अवगत कराया गया।
ऑनलाइन सेवाओं से बढ़ेगी पारदर्शिता
कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने प्रशिक्षण में उपस्थित सभी कार्यालय प्रमुखों को सेवा सेतु पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेवाओं के ऑनलाइन होने से आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा नागरिकों को शासकीय सेवाएं प्राप्त करने में सुविधा होगी। ई-गवर्नेंस चिप्स जांजगीर-चांपा के ईडीएम सुनील कुमार साहू ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल शासन की एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसके माध्यम से आम नागरिकों को एक ही पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों की 900 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी कड़ी में वर्तमान में ऑफलाइन संचालित सेवाओं को ऑनलाइन किए जाने के बाद संबंधित विभागों के कार्यालय प्रमुख एवं उपयोगकर्ता अधिकारियों को सेवाओं के ऑनलाइन संचालन एवं आवेदन निराकरण की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया।
