हर बच्चे के लिए स्वस्थ भविष्य की दिशा में बालको का सशक्त कदम
वेदांता समूह की इकाई भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ‘पोषण माह 2025’ के अवसर पर कोरबा जिले में व्यापक पोषण जागरूकता अभियान चलाया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य के महत्व को समझाना था।
यह कार्यक्रम भारत सरकार के ‘पोषण अभियान’ के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य कुपोषण-मुक्त भारत की दिशा में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाना है। इस वर्ष बालको ने अपने प्रमुख सामाजिक प्रोजेक्ट्स ‘आरोग्य’ और ‘नंद घर’ के माध्यम से “हर बच्चे के लिए स्वस्थ भविष्य” थीम पर यह अभियान चलाया।
माताओं को दी गई पोषण से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी
अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को बच्चों के सही खानपान, पोषक तत्वों की पहचान, और घर की रसोई से पौष्टिक भोजन तैयार करने की जानकारी दी गई।
‘टेक होम राशन (THR)’ और ‘पॉजिटिव डिविएंस हर्थ (PD Hearth)’ सत्रों में महिलाओं को यह सिखाया गया कि स्थानीय अनाज, दालें, सब्ज़ियाँ और फल किस प्रकार बच्चों के शारीरिक विकास में मददगार हैं।
गीतों, नुक्कड़ नाटकों, प्रतियोगिताओं और घर-घर प्रदर्शनों के माध्यम से संदेश को सरल और रोचक तरीके से पहुँचाया गया। बालको ने इस अभियान के तहत 40 गाँवों और 33 नंद घरों में 250 से अधिक परिवारों को सीधा लाभ पहुंचाया।
‘शिशु संजीवनी पैक’ – बालको की नई पहल
बाल स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए बालको ने इस अवसर पर ‘शिशु संजीवनी पैक’ नामक पौष्टिक रेडी-टू-ईट आहार लॉन्च किया।
प्रत्येक 40 ग्राम पैक में लगभग 200 कैलोरी ऊर्जा और प्रोटीन होता है। इसे विशेष रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए तैयार किया गया है ताकि उन्हें नियमित और संतुलित पोषण मिल सके।
यह पहल वेदांता के ‘Run for Zero Hunger’ मिशन का हिस्सा है और इसे सोशल रिवाइवल ग्रुप ऑफ अर्बन रूरल एंड ट्राइबल (श्रोत) के सहयोग से लागू किया जा रहा है।
इससे बालको समर्थित 262 नंद घरों के माध्यम से करीब 14,000 बच्चों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
प्रारंभिक बाल विकास के लिए ‘खिलते फूल मॉड्यूल’
बालको ने प्रारंभिक बाल विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘खिलते फूल मॉड्यूल’ भी लॉन्च किया है।
यह 0 से 3 वर्ष के बच्चों के अभिभावकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक मार्गदर्शक पुस्तिका है, जिसमें बच्चों के समग्र विकास – शारीरिक, मानसिक और सामाजिक – पर आधारित सुझाव दिए गए हैं।
अभियान के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित भी किया गया।
‘चैंपियन मदर’, ‘सर्वश्रेष्ठ नंद घर’, ‘सर्वश्रेष्ठ पोषण बाड़ी’, ‘सर्वश्रेष्ठ किचन गार्डन’ और ‘सक्रियतम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता’ जैसी श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए।
“हर बच्चे का अधिकार है अच्छा पोषण” – राजेश कुमार, सीईओ, बालको
इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा – हर बच्चे के विकास में अच्छा पोषण सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बालको का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा स्वास्थ्य और पोषण के अवसर से वंचित न रहे। ‘प्रोजेक्ट आरोग्य’ और ‘नंद घर’ जैसी परियोजनाएँ समाज को जागरूक करने, परिवारों को सशक्त बनाने और बच्चों के उज्जवल भविष्य की दिशा में ठोस कदम हैं। हम चाहते हैं कि हर बच्चा स्वस्थ, शिक्षित और आत्मविश्वासी बनकर आगे बढ़े।”
माताओं के अनुभव – पोषण ने बदला जीवन, बेलगरी बस्ती की निवासी अकांक्षा साहू ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया –
हमारे घर में हरी सब्ज़ियाँ हमेशा खाई जाती थीं, लेकिन मेरा छोटा बच्चा कमजोर था। जब मैं पीडी हर्थ सत्र में गई, तब समझ आया कि बच्चों को खास तरह के पोषण की जरूरत होती है। वहाँ सिखाई गई रेसिपी से मैंने अपने बच्चे का आहार बदला और अब उसकी सेहत में स्पष्ट सुधार दिख रहा है।”
समाज में परिवर्तन की नई शुरुआत
‘पोषण माह 2025’ के तहत बालको ने न केवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई बल्कि समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।
यह अभियान इस बात का प्रतीक है कि जब उद्योग और समाज मिलकर काम करते हैं, तो स्वस्थ और सशक्त भारत का सपना साकार हो सकता है।
