कोंडागांव, 3 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ में वर्षों से रिक्त पड़े प्राचार्य पदों पर व्याख्याताओं, व्याख्याता एलबी और प्रधान पाठकों की पदोन्नति कर प्राचार्य बनाए जाने से पूरे राज्य के शिक्षकों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल है। कोण्डागांव जिले में 16 व्याख्याता एलबी सहित कुल 65 शिक्षकों को प्राचार्य पदोन्नति प्राप्त हुई है, जिससे जिले की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ऋषिदेव सिंह के नेतृत्व में नव पदोन्नत प्राचार्य – संजय कुमार राठौर, इरशाद हुसैन अंसारी, अनुप कुमार विश्वास, त्रिनाथ प्रसाद जोशी, कमलू राम बड्डे एवं श्रीमती श्यामलता पद्माकर – ने बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक सुश्री लता उसेंडी से मुलाकात की और सरकार की इस सराहनीय पहल के लिए आभार जताया।
28 वर्षों बाद मिली पदोन्नति, मिठाई बांटकर जताई खुशी
28 वर्षों से एक ही पद पर सेवा दे रहे कई शिक्षकों के लिए यह पदोन्नति किसी सौगात से कम नहीं रही। प्राचार्य बने शिक्षकों ने पुष्पगुच्छ और मिठाई भेंट कर विधायक को धन्यवाद दिया।
व्यायाम शिक्षकों की भी उठी आवाज
इस मौके पर टीचर्स एसोसिएशन ने व्यायाम शिक्षकों (पीटीआई) की भी मांगें प्रमुखता से रखीं। जिलाध्यक्ष ऋषिदेव सिंह ने बताया कि सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता एलबी संवर्ग के शिक्षकों को जहां क्रमोन्नति और पदोन्नति का लाभ मिला है, वहीं 28 वर्षों से कार्यरत व्यायाम शिक्षक आज भी अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता में हैं। उन्होंने सरकार से इस वर्ग की पदोन्नति और क्रमोन्नति शीघ्र सुनिश्चित करने की मांग की।
विधायक का आश्वासन
विधायक लता उसेंडी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सतत सुधार की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने व्यायाम शिक्षकों की समस्याओं को शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष रखने और उचित समाधान कराने का भरोसा दिलाया।
उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
इस अवसर पर जिला एवं प्रांतीय पदाधिकारी –
चंद्रकांत ठाकुर, प्रभाकर सिंह (शारीरिक शिक्षक जिलाध्यक्ष), मन्नाराम नेताम (ब्लॉक अध्यक्ष), त्रिनाथ प्रसाद जोशी, संजय कुमार राठौर, इरशाद हुसैन अंसारी, अनुप कुमार विश्वास, कमलू राम बड्डे, श्रीमती श्यामलता पद्माकर, अशोक साहू, लिखेश्वर पांडे, शिवकुमार मंडावी, चंद्रशेखर ठाकुर, अवध किशोर मिश्रा, राजकुमार पद्माकर, बृजलाल कोर्राम सहित कई गणमान्य शिक्षक उपस्थित थे।
