सागौर में मानवता की मिसाल: रास्ता भटके मासूम भाई-बहन को ग्रामीणों और पुलिस ने सुरक्षित पहुंचाया घर
पीथमपुर। सागौर थाना अंतर्गत बीती रात मानवता और सतर्कता का उदाहरण उस वक्त सामने आया जब दो मासूम बच्चे, 7 वर्षीय बालक और 9 वर्षीय बालिका, अपने घर से भटककर सुहागपुर रोड पर अकेले पैदल चलते पाए गए। बच्चों की इस असामान्य स्थिति पर खेत में कार्यरत ग्रामीणों की नजर पड़ी, जिन्होंने तत्परता दिखाते हुए उन्हें थाने पहुंचाया और पुलिस के सहयोग से दोनों को सुरक्षित उनके माता-पिता के सुपुर्द किया गया। घटना गुरुवार रात करीब 10 बजे की है। सुहागपुर रोड पर खेतों में काम कर रहे सुदामा बामनिया और रोहित मुछाल, निवासी सुहागपुर, ने जब दोनों मासूमों को अकेले भटकते देखा तो तुरंत उनकी चिंता की और उन्हें अपने साथ लेकर थाना सागौर पहुंचे। सागौर थाना प्रभारी प्रकाश सरोदे ने तत्परता दिखाते हुए टीम के साथ बच्चों के परिजनों से संपर्क किया और कुछ ही समय में उनके माता-पिता को थाने बुलाया गया।
थाने में परिवार से मिलते ही दोनों बच्चों की आंखों में राहत की चमक लौट आई। यह घटनाक्रम न सिर्फ पुलिस और ग्रामीणों की जागरूकता को दर्शाता है, बल्कि समाज में अब भी संवेदनशीलता और इंसानियत जीवित होने का प्रमाण देता है।
इस कार्य में थाना प्रभारी प्रकाश सरोदे के साथ रामप्रसाद मालवीय, प्रदीप यादव, और ग्रामीण सुदामा बामनिया एवं रोहित मुछाल का सराहनीय योगदान रहा। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
