कोंडागांव, 16 अगस्त 2026। उत्तराखंड में टनल निर्माण कार्य के दौरान बस्तर एवं कोंडागांव क्षेत्र के मजदूरों की मौत को लेकर आम आदमी पार्टी ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार से मृतक मजदूरों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा देने की मांग की है।
आम आदमी पार्टी विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 83 कोंडागांव की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि रोजी-रोटी और परिवार के भरण-पोषण के लिए हजारों किलोमीटर दूर गए मजदूरों की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि उनके परिवारों के सामने खड़ा गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट है।
आप ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार से सवाल किया कि बस्तर के मजदूरों को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जोखिम भरे काम के लिए पलायन क्यों करना पड़ रहा है। पार्टी ने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार उपलब्ध हैं, तो मजदूरों को अपने परिवार से दूर हजारों किलोमीटर जाने की मजबूरी क्यों है।
मृतक परिवारों के लिए ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग
आम आदमी पार्टी ने प्रत्येक मृतक मजदूर के परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा, परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी देने तथा मृतक मजदूरों के बच्चों की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाने की मांग की है।
इसके अलावा घायल और प्रभावित मजदूरों के इलाज, दवाइयों, आवागमन और अन्य आवश्यक खर्च सरकार द्वारा वहन करने की मांग की गई है। प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष प्रशासनिक व्यवस्था बनाने की बात भी कही गई है।
पार्टी ने दूसरे राज्यों में काम करने वाले छत्तीसगढ़ के मजदूरों के प्रभावी पंजीयन, बीमा, आपातकालीन संपर्क व्यवस्था और श्रमिक अधिकारों की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।
“मजदूर सिर्फ आंकड़ा नहीं, पूरा परिवार है”
आप ने कहा कि मजदूर सरकार के आंकड़ों में दर्ज केवल एक संख्या नहीं होता, बल्कि वह किसी परिवार का पिता, पति, बेटा या मुख्य सहारा होता है। एक मजदूर की मौत के बाद परिवार की आय, बच्चों की पढ़ाई, भोजन और भविष्य तक प्रभावित हो जाता है। इसलिए सरकार को संवेदनशीलता के साथ तत्काल ठोस निर्णय लेना चाहिए।
पार्टी ने बस्तर में स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि मजदूरों को मजबूरी में पलायन करने के बजाय अपने ही क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार मिलना चाहिए।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार मृतक परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता देने की मांग पर गंभीर निर्णय नहीं लेती है, तो पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच मजबूती से उठाएगी और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।
प्रेस विज्ञप्ति जारीकर्ता मानसिंग नेताम, आम आदमी पार्टी, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 83 कोंडागांव ने कहा कि पार्टी की लड़ाई किसी व्यक्ति या परिवार के खिलाफ नहीं, बल्कि मजदूरों के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए है।
