गौ सेवकों पर तस्कर हुए भारी , पूछने पर गाली गुप्तार कर मोबाईल छिनने की कोशिस,शिकायत हुआ थाने में दर्ज

कोरबा जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र में एक बार फिर गाय तस्करी का मामला सामने आया है। बीती रात लगभग 11:30 बजे घुड़देवा बस्ती से माजदा वाहन क्रमांक CG-12 BR-9610 में अवैध रूप से गायों को भरकर ले जाया जा रहा था।

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे गौ सेवकों ने जब वाहन रोककर पूछताछ की, तो तस्करों ने गोलमोल जवाब देने के बाद गाली-गलौच करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान कई गौ सेवक घायल हो गए और उनके मोबाइल भी छीन लिए गए।

गौ सेवकों ने बताया कि कुछ स्थानीय लोग भी इस तस्करी में शामिल थे, जिन्हें वे पहचानते हैं पर नाम नहीं जानते। वहीं, घटना के दौरान वार्ड पार्षद प्रतिनिधि हेम सिंह भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने रोकथाम करने की बजाय अलग ही रवैया अपनाया। गौ सेवकों का कहना है कि उनके पास इस पूरी घटना का वीडियो सुरक्षित है।

 

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गौ सेवकों की शिकायत
प्रकाश शर्मा, सक्षम बनाफर, ललित यादव और प्रदीप साहू सहित अन्य सदस्यों ने सोमवार की सुबह थाना बांकीमोंगरा में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इससे पहले भी वे पालिका अधिकारियों को ज्ञापन देकर सड़क पर घूम रही गायों की सुरक्षा और मालिकों पर कार्रवाई की मांग कर चुके थे।

इससे पहले  बांकीमोंगरा में भी पालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गायों को सुरक्षित स्थान व सड़क में रात- दिन घुमने वाले गाय मालिकों के ऊपर ठोस कदम उठाने की मांग किया था।

 संगठन और समाज का समर्थन
इस घटना की जानकारी मिलने पर धर्म सेना और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी भी गौ सेवकों के समर्थन में थाने पहुंचे। इनमें धर्म सेना के प्रदेशाध्यक्ष सुरेन्द्र बहादुर सिंह, विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह, धर्म सेना के जिलाध्यक्ष साकेत शर्मा, नगर अध्यक्ष विष्वेश शर्मा, जिला महामंत्री नरेश राजपूत और बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष हेमंत शामिल रहे।

 पुलिस की कार्रवाई
थाना प्रभारी चमन लाल सिन्हा ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। निर्देश मिलने के बाद अपराध क्रमांक 147/2025, धारा 296, 351(2), 115(2), 35 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विवेचक प्रधान आरक्षक राजेश कंवर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

फिलहाल पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में शीघ्र सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं गौ सेवकों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे धरना-प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

 

 

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