समाजसेवी अनिस सोनी ने पेड़ों की कटाई पर उठाए सवाल, कहा—अनुमति थी तो सामने लाएं दस्तावेज, नहीं तो जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई
छुरिया। गैंदाटोला-कुमरदा रोड किनारे पेड़ों की कटाई को लेकर समाजसेवी अनिस सोनी ने जिम्मेदार विभागों पर तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क किनारे खड़े पेड़ों की कटाई चिंता का विषय है।

अनिस सोनी ने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” का नारा तभी सार्थक होगा, जब जमीन पर पेड़ों की सुरक्षा दिखाई दे। अगर पेड़ काटने की जरूरत थी तो नियमानुसार अनुमति ली गई या नहीं, इसकी जानकारी जनता के सामने आनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गैंदाटोला-कुमरदा रोड किनारे काटे गए पेड़ों को लेकर यह स्पष्ट होना चाहिए कि पेड़ किसके आदेश पर काटे गए, किस विभाग ने अनुमति दी, कितने पेड़ों की कटाई स्वीकृत थी और काटी गई लकड़ी का क्या किया गया।
सोनी ने कहा, “अगर अनुमति लेकर पेड़ काटे गए हैं तो संबंधित अधिकारी अनुमति के दस्तावेज सार्वजनिक करें। और अगर बिना अनुमति पेड़ों पर आरा चलाया गया है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? सड़क किनारे पेड़ों की कटाई कोई छोटी बात नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा कि लोक निर्माण विभाग की सड़क सीमा में आने वाले पेड़ों की कटाई के मामले में विभाग को भी अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए। विभागीय अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर कटे पेड़ों की संख्या और स्थिति का पंचनामा तैयार कर पूरे मामले की जांच करनी चाहिए।
अनिस सोनी ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल भाषण और नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पेड़ों को बचाने की जिम्मेदारी जमीन पर भी दिखाई देनी चाहिए।
