गुजरात के अहमदाबाद प्लेन क्रैस मे मृतकों की संख्या 240 के पर पहुंच गई है प्लेन में सवार 242 यात्रियों में से मात्र एक यात्री के ही सकुशल बच पाया है इस भयावह हादसे में कितने परिवारों की खुशियां छीन ली किसी का बेटा गया तो किसी की बेटी प्लेन में मारे गए अनुभवी पायलट के बीमार वृद्ध पिता की आँखों में आँसू रुक नहीं रहे हैं पर एक सेल्फी जो सोशल मीडिया पर इस समय वायरल हो रही है उसको देखकर आंखें नम हो जा रही हैं अहमदाबाद विमान हादसे में बांसवाड़ा का एक हंसता-खेलता पूरा परिवार खत्म हो गया परिवार में कुल पांच लोग शामिल थे,
जो लंदन जा रहे थे। परिवार में डॉ. प्रतीक जोशी और डॉ. कामिनी जोशी पहले उदयपुर में ही कार्यरत थे डॉ. प्रतीक वर्ष 2016 में लंदन शिफ्ट हो गए थे एक माह पूर्व डॉ. कामिनी जोशी ने भी उदयपुर के मेडिकल कॉलेज से इस्तीफा देकर लंदन पति के पास जाने का फैसला किया डॉक्टर दंपती अपने तीनों बच्चों बेटी मिराया जोशी, बेटे नकुल और प्रद्यूत जोशी के साथ हादसे वाले विमान से लंदन जा रहे थे नकुल और प्रद्यूत जुड़वां भाई थे हादसे के बाद बांसवाड़ा में दोनों परिवारों और उदयपुर में मेडिकल कॉलेज में शोक की लहर छा गई डॉक्टर कामिनी व्यास का हंसता खेलता परिवार सेकंडों में ही कोयला और राख बन जाएगा इसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की होगी सेल्फी लेते वक्त किसी ने सोचा भी नहीं होगायह उनकी आखिरी सेल्फ़ी है प्लेन में बैठी महिला यात्री ने अपनी सेल्फी में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी को भी कैमरे में कैद करके अपने परिवार को गर्व के साथ भेजा था पर वो नहीं जानती थी कि सब कुछ खत्म होने वाला है जीवन क्षणभंगुर है प्लेन को उड़ा रहे दोनों बहुत ही अनुभवी पायलटों को इतना मौका भी नहीं मिला कि प्लेन में लगे तीसरे इंजन को शुरू कर सकते क्योंकि उसमें भी शुरू करने में करीब 50 सेकंड का समय लगता है पर दोनों इंजन एक साथ बंद हो गए और प्लेन क्रैश हो गया अगर पायलट को 20 सेकंड का समय मिल गया होता तो वह तीसरे इंजन को स्टार्ट करके प्लेन को लैंड करा देता अगर ये प्लेन ऊंचाई पर पहुंच गया होता
स्थानीय समयानुसार 12 जून की दोपहर को अहमदाबाद से लंदन के गैट विक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरने के महज़ दो मिनट बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया इस भयावह हादसे में 290 से अधिक लोगों की जान चली गई, जिससे कई परिवारों की उम्मीदें और सपने हमेशा के लिए बिखर गए
मरने वालों में एक नवविवाहिता महिला खुशबू भी शामिल थीं, जिनकी उम्र 27 वर्ष थी वह राजस्थान के बालो टेला क्षेत्र की निवासी थीं और महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित स्वयंसेवक के तौर पर काम करती थीं खुशबू अपने पति से मिलने के लिए लंदन जा रही थीं हवाई अड्डे पर रवाना होने से पहले उनके पिता ने उनके साथ एक तस्वीर ली और उसे परिवार के ग्रुप में आशीर्वाद खुशबू बेटी, लंदन जा रही है कैप्शन के साथ साझा किया किसी को भी यह अंदाज़ा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद उनके पिता को इस दर्दनाक विमान दुर्घटना की ख़बर मिलेगी, जिसने इस परिवार की सारी खुशियाँ और उम्मीदें एक पल में छीन लीं
इस त्रासदी का एक और हृदय विदारक प्रतीक विमान की सीट पर ली गई एक सेल्फी है यह तस्वीर जोशी परिवार की है जिसमें पति प्रतीक जोशी और पत्नी डॉ. कोमी व्यास मुस्कुराते हुए दिख रहे हैं, और उनके सामने उनके तीन बच्चे कैमरे की ओर देख रहे हैं उस पल वे एक नए जीवन की उम्मीदों से भरे हुए थे प्रतीक जो पिछले छह सालों से लंदन में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर रह रहे थे अपनी पत्नी और बच्चों को यूके लाकर एक नया जीवन शुरू करने का सपना देख रहे थे किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी पारिवारिक तस्वीर होगी इस आशा से भरे परिवार का भाग्य बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के मलबे के साथ दफन हो गय
इस दुखद दुर्घटना में भारतीय राजनीति के एक दिग्गज गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता विजय रूपाणी भी शामिल थे फ्लाइट की सीट लिस्ट के अनुसार रूपाणी सीट 2 डी में थे और वह लंदन में अपनी बेटी से मिलने जा रहे थे 68 वर्षीय रूपाणी ने 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने गुजरात औद्योगिक नीति 2020 का शुभारंभ किया और आदिवासी क्षेत्रों कि थी
