राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय विभागों में कार्यरत श्रमिकों एवं दैनिक/मासिक वेतनभोगी कर्मचारियों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित श्रम सम्मान राशि योजना श्रमिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। श्रम आयुक्त दर वन कर्मचारी संघ के प्रांत प्रमुख हारुन मानिकपुरी ने कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से हजारों श्रमिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है तथा उन्हें आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार प्राप्त हुआ है।
हारुन मानिकपुरी ने बताया कि श्रमिकों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह निर्धारित सम्मान राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। इससे श्रमिक परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में भी सहायता मिल रही है।
उन्होंने कहा कि वन विभाग, वनमंडल राजनांदगांव के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों को हाल ही में दो माह की श्रम सम्मान राशि एकमुश्त प्राप्त हुई है, जिससे श्रमिकों में विशेष उत्साह और खुशी का माहौल है। श्रमिकों को दो माह की राशि के रूप में 8 हजार रुपये प्राप्त होने से खेती-किसानी के कार्यों, बच्चों की शिक्षा तथा घरेलू जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी।
श्रमिकों ने बताया कि वर्तमान समय में खेती-किसानी के कार्य प्रारंभ हो चुके हैं और स्कूल भी खुल गए हैं। ऐसे समय में एकमुश्त राशि मिलने से कृषि कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने, बच्चों की फीस, पुस्तकें, यूनिफॉर्म एवं अन्य शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिलेगी। इससे श्रमिक परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।
हारुन मानिकपुरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार श्रमिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। श्रमिक कल्याण से जुड़ी योजनाएं न केवल उनके आर्थिक उत्थान का माध्यम बन रही हैं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान कर रही हैं।
उन्होंने श्रमिक हितैषी योजनाओं के संचालन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं वन विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की संवेदनशील नीतियों का लाभ सीधे जरूरतमंद श्रमिकों तक पहुंच रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
श्रम सम्मान राशि से श्रमिकों के जीवन स्तर में हो रहा सकारात्मक बदलाव – हारुन मानिकपुरी
