गणेश चतुर्थी की तैयारियां जारीः मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे कलाकार, 200 से 25 हजार रुपए तक की प्रतिमा उपलब्ध

गणेश चतुर्थी की तैयारियां जारीः मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे कलाकार, 200 से 25 हजार रुपए तक की प्रतिमा उपलब्ध

अरनोद क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्रों में आगामी गणेश चतुर्थी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा पर्व को लेकर मूर्तिकार भगवान गणेश प्रतिमा तैयार कर रहे है 26 सितंबर को चतुर्थी पर गणेशजी शहर के विभिन्न पंडाल में विराजमान होंगे।इसे लेकर नगर के मूर्तिकार पहली बार भक्तों की डिमांड के अनुसार प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे है। Uploaded Imageशहर के अरनोद प्रतापगढ़ मार्ग में मूर्तियों का निर्माण कर रहे मूर्तिकार सोहन लाल ने बताया कि नगर में कई स्थानों पर प्रतिमाओं का निर्माण किया जाता है इस बार 3 से 12 फीट की गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। इसमें भगवान भोलेनाथ के साथ गणेश, हाथी पर विराजित भगवान् गणेश की प्रतिमा शेर पर विराजित प्रतिमा देखी जा सकेगी।Uploaded Imageउन्होंने बताया कि इस बार मांग को देखते हुए करीब 100 से 150 बड़ी प्रतिमा बनाई गई है इसके अलावा छोटी प्रतिमाओं का निर्माण भी जारी है। सोहन लाल ने बताया कि महंगाई का असर मूर्तियों पर भी पड़ रहा है घास, मिट्टी सहित रंग-रोगन भी महंगा हो गया है। हमारे पास 200 रुपए से लेकर 25 हजार रुपए तक की मूर्तियां है यह प्रतिमा आसपास के गांवों में भी विक्रय के लिए जाती है उन्होंने बताया कि अब गांवों में भी बड़ी प्रतिमाओं का चलन बड़ गया है।

अरनोद क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्रों में आगामी गणेश चतुर्थी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा पर्व को लेकर मूर्तिकार भगवान गणेश प्रतिमा तैयार कर रहे है 26 अगस्त को चतुर्थी पर गणेशजी शहर के विभिन्न पंडाल में विराजमान होंगे। इसे लेकर नगर के मूर्तिकार पहली बार भक्तों की डिमांड के अनुसार प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे है शहर के अरनोद प्रतापगढ़ मार्ग में मूर्तियों का निर्माण कर रहे मूर्तिकार सोहन लाल ने बताया कि नगर में कई स्थानों पर प्रतिमाओं का निर्माण किया जाता है इस बार 3 से 12 फीट की गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। इसमें भगवान भोलेनाथ के साथ गणेश, हाथी पर विराजित भगवान् गणेश की प्रतिमा शेर पर विराजित प्रतिमा देखी जा सकेगी उन्होंने बताया कि इस बार मांग को देखते हुए करीब 100 से 150 बड़ी प्रतिमा बनाई गई है इसके अलावा छोटी प्रतिमाओं का निर्माण भी जारी है। सोहन लाल ने बताया कि महंगाई का असर मूर्तियों पर भी पड़ रहा है घास, मिट्टी सहित रंग-रोगन भी महंगा हो गया है। हमारे पास 200 रुपए से लेकर 25 हजार रुपए तक की मूर्तियां है यह प्रतिमा आसपास के गांवों में भी विक्रय के लिए जाती है उन्होंने बताया कि अब गांवों में भी बड़ी प्रतिमाओं का चलन बड़ गया है

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