माताएं सड़क पर, और कुछ लोग शराब दुकान बचाने में व्यस्त” — अनीश सोनी

 

छुरिया। ग्राम गैंदाटोला निवासी अनीश सोनी ने शराब दुकान विवाद को लेकर कटाक्ष भरा बयान देते हुए कहा कि “आज गांव में विकास की नई परिभाषा गढ़ी जा रही है। अगर शराब दुकान को बचाना ही विकास माना जा रहा है, तो फिर गांव की माताओं-बहनों का दर्द, बच्चों का भविष्य और बिगड़ता सामाजिक माहौल आखिर किस खाते में डाला जाएगा?”

अनीश सोनी ने कहा कि “जो लोग आज किसी को विकास विरोधी बता रहे हैं, पहले वे गांव के विकास की परिभाषा स्पष्ट करें। अगर गांव की महिलाएं छोटे बच्चों के साथ रातभर सड़क पर बैठने को मजबूर हों और उसे विकास कहा जाए, तो ऐसे विकास पर जनता खुद फैसला करेगी।”

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “एक तरफ माताएं अपने बच्चों को लेकर खुले टेंट के नीचे रात गुजार रही हैं, दूसरी तरफ कुछ लोग शराब दुकान बचाने के लिए बंद और समर्थन जुटा रहे हैं। जनता सब देख रही है और समझ भी रही है कि कौन गांव के हित में खड़ा है और कौन अपने स्वार्थ में।”

अनीश सोनी ने कहा कि “नारे लगाने से सच्चाई नहीं बदलती। गैंदाटोला की जनता समझदार है और सही समय पर जवाब देना भी जानती है। अगर शराब दुकान को बचाना ही विकास का पैमाना बन गया है, तो समाज को खुद सोचना होगा कि यह किस दिशा में ले जाएगा।”

साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि “मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि शराब जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ आवाज उठाना है। लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन झूठा नैरेटिव बनाकर लोगों को गुमराह करना उचित नहीं है।”

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