रायगढ़ /ओपी चौधरी ने अपने हालिया रायगढ़ प्रवास के दौरान कृषि और बागवानी को लेकर एक प्रेरणादायक अनुभव साझा करते हुए जिले के प्रगतिशील किसान कुंजलाल की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले के छाल क्षेत्र अंतर्गत कर्रा ग्राम निवासी किसान कुंजलाल आज क्षेत्र में लीची की उन्नत खेती का एक सफल उदाहरण बन चुके हैं और वे स्वयं उन्हें अपना “लीची गुरु” मानते हैं।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि कर्रा गांव में कुंजलाल द्वारा आधुनिक तकनीक और मेहनत के साथ की जा रही लीची की खेती न केवल आर्थिक रूप से सफल साबित हुई है, बल्कि आसपास के सैकड़ों किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है। उन्होंने कहा कि खेती में नवाचार, धैर्य और वैज्ञानिक सोच अपनाकर किसान किस तरह अपनी आय और पहचान दोनों बढ़ा सकते हैं, यह कुंजलाल ने साबित कर दिखाया है।
श्री चौधरी ने यह भी कहा कि वे स्वयं लीची उत्पादन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बारीकियां और तकनीकी जानकारियां किसान कुंजलाल से सीखते हैं। उनका मानना है कि किसानों के अनुभव और जमीन से जुड़ी समझ किसी भी बड़े प्रशिक्षण से अधिक उपयोगी होती है। यही कारण है कि वे लगातार किसानों से संवाद कर खेती के नए मॉडल को समझने का प्रयास करते रहते हैं।
इसी दौरान किसान कुंजलाल वित्त मंत्री श्री चौधरी के खेत पहुंचे और अपनी बगिया में तैयार हुई ताजी एवं गुणवत्तापूर्ण लीची उन्हें भेंट की। यह मुलाकात पूरी तरह आत्मीयता और सम्मान से भरी रही। अपने ‘लीची गुरु’ से यह स्नेहपूर्ण भेंट पाकर श्री चौधरी भावुक नजर आए और उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली ताकत गांव, किसान और उनकी मेहनत में बसती है।
उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी और नकदी फसलों की ओर भी आगे बढ़ें, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। लीची जैसी फसलों की सफल खेती रायगढ़ जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा सकती है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विश्वास जताया कि कुंजलाल जैसे मेहनती, नवाचारी और दूरदर्शी किसान आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि किसान नई तकनीक और लगन के साथ कार्य करें, तो गांवों से भी विकास और समृद्धि की नई कहानी लिखी जा सकती है।
