कलेक्टर की अध्यक्षता में नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक संपन्न
निर्माण कार्यों, सी.एम. हेल्पलाइन और जन-कल्याणकारी योजनाओं में तेजी लाने के कड़े निर्देश
*धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेर सभाकक्ष धार में जिले की समस्त नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला शहरी विकास अभिकरण धार के परियोजना अधिकारी द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। समीक्षा एवं विस्तृत चर्चा के उपरान्त कलेक्टर द्वारा सभी अधिकारियों को शासन के मंशानुरूप निर्माण कार्यों और जन-कल्याणकारी योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने समस्त मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को अपने-अपने निकाय क्षेत्रों में शासन के निर्देशानुसार स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की जमीनी तैयारियां समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता के अंतर्गत सभी पैरामीटर्स पर आवश्यक ध्यान देते हुए कार्य पूर्ण कराने की बात कही। इसके साथ ही, अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत पेयजल योजना, ग्रीन स्पेस पार्क निर्माण और वाटर बॉडी रिज्यूवेशन के प्रचलित निर्माण कार्यों को अनुबंध के अनुसार निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराने हेतु पाबंद किया गया। वृक्षारोपण की दिशा में, 'अमृत हरित मप्र अभियान' के अंतर्गत शासन द्वारा आवंटित लक्ष्यों के अनुरूप सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को नियमानुसार पौधारोपण का कार्य पूर्ण कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत शासन द्वारा निर्धारित समस्त गतिविधियों में लक्ष्य के अनुसार कार्यों को पूरा कर शत-प्रतिशत प्रगति हासिल करने के कड़े निर्देश दिए गए।
कलेक्टर द्वारा विभिन्न आवासीय व हितग्राहीमूलक योजनाओं की भी गंभीर समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत समस्त निकायों की प्रगति लक्ष्य के मुकाबले बहुत ही कम पाए जाने पर असंतोष व्यक्त किया गया तथा लक्ष्य अनुरूप प्रगति लाने हेतु तत्काल कार्रवाई कर प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। 'म.प्र. भूमिहीन पट्टाधृति अधिनियम' के अंतर्गत पट्टों के सर्वेक्षण एवं वितरण की समीक्षा करते हुए बताया गया कि धार, पीथमपुर एवं बदनावर में पट्टों का वितरण अभी शेष है, जिसे संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को नियमानुसार तत्काल पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया। गीता भवन निर्माण की समीक्षा के दौरान पाया गया कि धार, सरदारपुर, राजगढ़, धामनोद, धरमपुरी, कुक्षी एवं डही में भूमि आवंटित हो चुकी है, इसलिए इन निकायों को शीघ्र ही डी.पी.आर. बनवाकर नियमानुसार निविदा आमंत्रण की कार्यवाही पूर्ण करने को कहा गया। वहीं पीथमपुर, मनावर, बदनावर एवं मांडव में भूमि आवेदन की कार्यवाही शेष होने के कारण इन निकायों को तत्काल नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पीथमपुर नगरीय क्षेत्र में फायर स्टेशन की स्थापना हेतु भूमि का चिन्हांकन करने एवं भूमि के आवेदन की मांग हेतु मुख्य नगरपालिका अधिकारी पीथमपुर को आवश्यक नियमानुसार कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।
बैठक में उन्होंने आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर विशेष बल दिया। पी.एम. स्वनिधि योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 हेतु नगरीय निकायों को संचालनालय द्वारा आवंटित 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए पात्र हितग्राहियों के अधिक से अधिक ऋण प्रकरण तैयार कर स्वीकृति एवं वितरण की शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 'प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना' के तहत भी लक्ष्य के अनुरूप प्रगति बेहद कम पाए जाने पर सभी निकायों को ध्यान देकर प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त संबल 2.0 योजना के अंतर्गत जिन निकायों में पंजीयन, प्राप्त आवेदन अथवा अनुग्रह सहायता के प्रकरण लंबित हैं, उनका तत्काल निराकरण करने तथा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के अंतर्गत लंबित सत्यापन प्रकरणों की कार्रवाई को तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। 'दिव्यांगजन पुनर्वास स्थानीय निधि योजना' के नियमों के संबंध में धार और पीथमपुर को छोड़कर शेष समस्त निकायों को निर्देश दिए गए कि वे इसे परिषद अथवा पी.आई.सी. की आगामी बैठक में विचारार्थ प्रस्तुत कर संकल्प पारित कराने की कार्रवाई पूर्ण करें, जिसकी समीक्षा आगामी बैठक में की जाएगी।
बैठक के अंत में आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण पर जोर देते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से सचेत किया कि समस्त मुख्य नगरपालिका अधिकारी सी.एम. हेल्पलाइन पर विशेष ध्यान देवें। विशेषकर सी.एम. हेल्पलाइन पर 50 से अधिक दिनों से लंबित चल रही शिकायतों का तत्काल नियमानुसार निराकरण कराया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ।
बैठक में उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग, श्रम पदाधिकारी, परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण धार तथा जिले की निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी उपस्थित हुए ।
