कोरबा में सड़क मरम्मत के नाम पर नाबालिगों से कराई जा रही मजदूरी, बाल अधिकारों का खुला उल्लंघन

छत्तीसगढ़ में कोरबा जिले के करतला ब्लॉक में एक बार फिर मानवाधिकारों की अनदेखी सामने आई है। करतला-रामपुर मुख्य मार्ग पर सड़क मरम्मत के कार्य में नाबालिग बच्चों से जबरन मजदूरी कराई जा रही है। इस खबर ने इलाके में सनसनी फैला दी है और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

करतला-रामपुर मार्ग की हालत कुछ समय से खराब थी। हाल ही में इसमें सुधार कार्य शुरू किया गया है, जिसमें डामरीकरण सड़क के गड्ढों को सीमेंट और कंक्रीट से भरा जा रहा है। लेकिन सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस काम में मासूम बच्चों को लगाया गया है, जो न केवल बाल अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि कानूनन अपराध भी।

 

 

इन बच्चों की उम्र लगभग 13से 16 वर्ष के बीच है। गर्मी की तपती धूप में बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ये बच्चे भारी कंक्रीट उठाते और सड़क की मरम्मत करते नजर आए।

 

 

????ये बच्चे स्कूल में होने चाहिए, लेकिन इन्हें मजदूरी कराई जा रही है। यह पूरी तरह गलत है। प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

 

 

आपको बता दे भारत में बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का काम कराना कानूनन अपराध है। यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बाधित करता है और उन्हें शिक्षा से वंचित करता है।

 

महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी करतला, रागिनी बैस ने जानकारी दिया कि आपके माध्यम से हमें इसकी जानकारी प्राप्त हुई है। हम तुरंत इस मामले की रिपोर्ट जिला मुख्यालय कोरबा को भेज दिए हैं, ताकि जल्द से जल्द उचित कार्रवाई हो सके।

 

यह घटना न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि समाज में व्याप्त असंवेदनशीलता की भी पोल खोलती है। सवाल यह उठता है कि ऐसे बच्चों का भविष्य कौन संवारेंगा, और क्या हमारे समाज की चुप्पी इन्हें अंधकार में धकेल रही है?

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