मेरा रेशम मेरा अभिमान अभियान के तहत केन्द्रीय रेशम बोर्ड-रेशम तकनीकी सेवा केंद्र (सीएसबी-एसटीएससी) बिलासपुर द्वारा ग्राम सलोरा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
60 प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में लगभग 60 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें अधिकतर महिलाएं शामिल थीं। इस दौरान उन्हें रेशम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों और योजनाओं की जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि का मार्गदर्शन
सहायक संचालक रेशम, कोरबा बी.एस. भंडारी ने प्रतिभागियों को नई तकनीकें अपनाने हेतु प्रेरित किया और विभागीय सहयोग का भरोसा दिला लाया।
विशेषज्ञों की तकनीकी जानकारी
अशोक कुमार (वैज्ञानिक-बी) ने तसर रेशम धागा निर्माण में कोकून की खरीद, ग्रेडिंग, भंडारण, छंटाई, कोसा उबालने, रीलिंग व कताई के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।
डॉ. हेमलाल साहू (वरिष्ठ तकनीकी सहायक) ने “सिल्क समग्र-2 योजना” की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार (80:10) के सहयोग से 90% सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है।
मशीनों का व्यवहारिक प्रदर्शन
कार्यक्रम में “बुनियाद रीलिंग मशीन” और “मोटराइज्ड स्पिनिंग मशीन” का डेमो भी प्रस्तुत किया गया, जिससे प्रतिभागियों को तकनीकी प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला।
महिलाओं की बढ़ी रुचि
अंत में प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया। सभी प्रतिभागियों ने तकनीकों को अपनाने में गहरी रुचि दिखाई और रेशम उत्पादन को नई दिशा देने का संकल्प व्यक्त किया।
