कोमा से लौटाया जीवन, 6 साल के नीरज को जिला अस्पताल में मिली नई जिंदगी

जिले के शासकीय मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल ने एक बार फिर अपनी चिकित्सकीय दक्षता का परिचय दिया है। ग्राम जलके निवासी 6 वर्षीय नीरज पिता अजय कुमार को 19 जून की शाम कोमा की स्थिति में जिला अस्पताल लाया गया था। उसे प्राइवेट अस्पताल NKH से रेफर किया गया था, जहां इलाज जारी रखने में परिजनों की आर्थिक स्थिति बाधक बन गई थी।

बच्चे की हालत बेहद नाजुक थी—वह कोमा में था, साँस लेने में तकलीफ थी, धड़कन कमज़ोर थी और फेफड़ों में इंडोट्रैकियल ट्यूब लगी थी। उसे वेंटिलेटर सपोर्ट और आयनोट्रॉप दवाओं के सहारे रखा गया। स्थिति इतनी गंभीर थी कि किडनी फेल्योर, खून की उल्टी, दिमाग में सूजन, झटके, हाई सोडियम लेवल और सिकल सेल एनीमिया जैसी जटिल बीमारियाँ भी सामने आईं।

शिशु रोग विभाग की टीम ने तत्काल इलाज शुरू किया, जिसमें विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश वर्मा के नेतृत्व में डॉ. धर्मवीर सिंह, डॉ. आशीष सोनी, डॉ. अनन्या, डॉ. स्मिता और डॉ. हेमा शामिल रहे। 3 दिन वेंटिलेटर पर रखने के बाद जब स्थिति में सुधार हुआ, तो वेंटिलेटर हटाया गया और नीरज धीरे-धीरे रिकवरी की राह पर आया।

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