पूर्व मंत्री का आरोप, कोयलांचल क्षेत्र में प्रशासन-पुलिस के साथ मिलकर SECL की दादागिरी

कोरबा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासन काल में राजस्व मंत्री रह चुके जय सिंह अग्रवाल शनिवार को कोयलांचल क्षेत्र जटराज और कुसमुंडा पहुंचे. खनन प्रभावित क्षेत्र के लोगों से मुलाकात कर समस्या के निराकरण के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया. हाल ही में इमलीछापर में सड़क चौड़ीकरण करने के लिए 11 लोगों के मकान को तोड़ा गया है. पूर्व मंत्री ने बरसात के दौरान हुई कार्रवाई की निंदा की. पूर्व मंत्री ने कहा कि एसईसीएल और स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर दादागिरी कर रहा है. उनकी कार्यशैली ठीक नहीं है. रोजगार, पुनर्वास और मुआवजा संबंधी वादे अधूरे हैं, लोग लगातार परेशान हो रहे हैं.

प्रभावित ग्रामीणों ने मुआवजा और पुनर्वास की मांग

 पूर्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि कुसमुंडा खदान से प्रभावित गांव जटराज के लोगों के जमीन का अधिग्रहण सन 2009 से 2010 में हुआ था. जिसे अब कब्जे में लिया जा रहा है. कंपनी मुआवजा देने के लिए पुराने अधिग्रहण नियम का पालन कर रही है, जबकि रोजगार देने के लिए वह 2012 के बाद की पॉलिसी का पालन किया जा रहा है. जिसमें विरोधाभास है, एसईसीएल ने वादा किया था कि वह पहले पुनर्वास की व्यवस्था करेंगे. इसके बाद ही किसी गांव को विस्थापित करेंगे. गांव के लोग अभी उचित मुआवजा और पुनर्वास के लिए भटक रहे हैं. एसईसीएल पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर जबरदस्ती गांव से ग्रामीणों को हटाने पर तुला हुआ है. जिन्हें पहले विस्थापन का इंतजाम करना चाहिए. उनके मूलभूत सुविधा विकसित करना चाहिए. इसके बाद ही उन्हें इस गांव से हटाया जाना चाहिए.Example Image

 

मंत्री ने कहा बरसात में बेघर हो गए कई परिवार

 इमलीछापर में 11 परिवारों के घर को तोड़ दिया गया है. जो यहां 30 से 40 साल से मकान बनाकर रह रहे थे. पूर्व मंत्री ने कहा कि एक महिला जिनके पति चलने फिरने में सक्षम नहीं हैं. अभी वह किराए के मकान में रह रहे हैं. उन्हें पूरी तरह से बेघर कर दिया गया है. यहां के 11 मकान को तोड़ा गया है. लेकिन यह उतना जरुरी नहीं था, इसके अलावा भी और बेजा कब्जा हो रहे हैं उन्हें नहीं तोड़ा जाता. 2 महीने में इन्हें मकान बनाकर देने को कहा गया था. वह वादा भी अधूरा है, कई लोगों को बेघर कर दिया गया है. एसईसीएल का रवैया दादागिरी करने जैसा है. मकान को तोड़ने के लिए थाने में मीटिंग रखी गई थी.

पीड़ितों ने सुनाई अपनी दर्द भरी कहानी, न्याय की लगाई गुहार

 जिन 11 मकान को तोड़ा गया है उनमें से एक परिवार की महिला सिंधु जायसवाल ने बताया कि जब मकान तोड़ा गया था. तब 2 महीने के भीतर मकान बना कर देने को कहा गया था. लेकिन अभी तक हमे मकान बनाकर नहीं दिया गया है. हम किराए के मकान में रह रहे हैं. कितने दिन हम किराए में रह पाएंगे. परिवार में कोई कमाने वाला भी नहीं है. बेहद मुश्किल में फंसे हुए हैं.

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का आरोप, कोयला खदान में हो रही डीजल और कोयले की चोरी

 पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि कोयला खदान में डीजल और कोयले की चोरी हो रही है. यह चोरी करोड़ों रुपए की है. लगातार हम खबरें सुनते हैं और यह लगातार जारी है. पुलिस प्रशासन और एसईसीएल मिलकर चोरी को रोक नहीं पा रहे हैं. जबकि उन्हें चोरी को रोकना चाहिए. इस तरह के परिस्थितियों पर हर तरह से लगाम लगाई जानी चाहिए.

जंगल काटने की बात पर भड़के पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे पर जुबानी हमला

बीते 30 जून को भारत सरकार के केंद्रीय कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे कोरबा जिले के गेवरा खदान पहुंचे थे. खदान का दौरा किया था और उत्पादन बढ़ाने की बात कही थी. पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने उनपर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री हाल ही में जब आए थे. तब उन्होंने प्रोडक्शन बढ़ाने पर जोर दिया और कहा कि इसके लिए जंगल भी काटने पड़े तो काटे जाएंगे. किसी भी स्तर पर जाकर प्रोडक्शन बढ़ाना है. मंत्री ने जो बात कही थी वो आपत्तिजनक है. वह जंगलों को बचाने की बात नहीं कहते हैं. जंगल काटने की बात कह रहे हैं.

 

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