Anp News Live Sakti सक्ती जिले की नवपदस्थ कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में चल रहे राजस्व कार्यों और लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में किसानों से जुड़े कार्यों से लेकर राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों तक की बिंदुवार जानकारी ली गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों और किसानों से जुड़े राजस्व प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। सभी मामलों का नियमानुसार और निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कार्यों में गंभीरता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने को कहा।
किसानों का शत-प्रतिशत एग्रीस्टेक पंजीयन कराने पर जोर
बैठक में कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पंजीयन और फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिले के पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों के खसरे अभी तक संबंधित पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पाए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाए। समितियों के माध्यम से किसानों के खसरों का सत्यापन कराने तथा छूटे हुए खसरों को पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने विशेष रूप से धान विक्रय करने वाले किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य प्राथमिकता से पूरा करने को कहा, ताकि पात्र किसान संबंधित योजनाओं और सुविधाओं से वंचित न रहें।
डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी समय पर पूरी करने के निर्देश
राजस्व समीक्षा के दौरान डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी के कार्यों की भी जानकारी ली गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मैदानी स्तर पर चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा। साथ ही कृषि, सहकारिता, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ किसानों से संबंधित कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
नामांतरण और सीमांकन के मामलों पर विशेष ध्यान
कलेक्टर जयश्री जैन ने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, खाता विभाजन, भू-बंटन, नक्शा बटांकन, अविवादित नामांतरण और त्रुटि सुधार जैसे मामलों की भी समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को राजस्व अभिलेखों को व्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश दिए। साथ ही अतिक्रमण और अन्य लंबित राजस्व मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने को कहा।
कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग का सीधा संबंध आम नागरिकों से है। जमीन, नामांतरण, सीमांकन और अन्य राजस्व मामलों से जुड़ी समस्याएं लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए इन मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
राजस्व न्यायालयों के लंबित मामलों की भी समीक्षा
बैठक में राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर पुराने और लंबित मामलों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन करते हुए समयबद्ध कार्रवाई की जाए। मामलों के निराकरण में पारदर्शिता बनाए रखना अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
एसडीएम और तहसीलदार करेंगे नियमित मॉनिटरिंग
कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति की जानकारी लेने और अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्य पूरा कराने को कहा।
इसके साथ ही नगरीय निकाय क्षेत्रों में चल रहे पट्टा सर्वे से संबंधित जानकारी भी शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर
कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने अधिकारियों से कहा कि शासकीय कार्यों के निष्पादन में तत्परता और जवाबदेही आवश्यक है। लंबित कार्यों को बिना कारण आगे बढ़ाने के बजाय उनका निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों और आम नागरिकों से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दें तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र लकड़ा, अपर कलेक्टर श्री बालेश्वर राम, एसडीएम सक्ती सुश्री कावेरी मरकाम, एसडीएम मालखरौदा श्री रूपेंद्र पटेल, एसडीएम डभरा श्री विनय कुमार कश्यप, अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक सहित राजस्व, कृषि, सहकारिता, खाद्य विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर की इस समीक्षा बैठक से स्पष्ट है कि सक्ती जिले में राजस्व मामलों के समयबद्ध निराकरण, किसानों से जुड़े डिजिटल कार्यों को गति देने और राजस्व व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
