रेलवे परिसरों में बढ़ी हरियाली, जल संरक्षण को भी मिली रफ्तार

ANP NEWS LIVE दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ रेल परिवेश विकसित करने की दिशा में अपने प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाया है। रेलवे परिसरों में बड़े पैमाने पर पौधरोपण के साथ-साथ जल संरक्षण के लिए तालाबों के निर्माण और पुराने जलस्रोतों के पुनर्विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

रेल प्रशासन के अनुसार, पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों को केवल किसी विशेष अवसर तक सीमित नहीं रखा गया है। रेलवे क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्वच्छ वातावरण तैयार करने के लिए वर्षभर विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं।

तीन वर्षों में 6 लाख से ज्यादा पौधरोपण

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत रेलवे कॉलोनियों, परिसरों और उपलब्ध खाली स्थानों में व्यापक स्तर पर पौधे लगाए गए हैं। पिछले तीन वर्षों के दौरान 6 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया है।

बिलासपुर का रेलवे क्षेत्र इन प्रयासों का प्रमुख उदाहरण बनकर सामने आया है। रेलवे कॉलोनियों और विभिन्न परिसरों में मौजूद पेड़-पौधों और हरित पट्टियों ने क्षेत्र की खूबसूरती बढ़ाने के साथ वातावरण को भी अधिक हरा-भरा बनाया है। घनी हरियाली के कारण कई रेलवे क्षेत्र प्राकृतिक ऑक्सीजन जोन जैसी अनुभूति कराते हैं।

तालाबों से जल संरक्षण को बढ़ावा

रेलवे ने हरियाली बढ़ाने के साथ जल संसाधनों के संरक्षण को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। वर्षाजल के संचयन और भू-जल स्तर को बनाए रखने के उद्देश्य से रेलवे परिसरों में नए तालाब बनाए जा रहे हैं तथा पुराने तालाबों का पुनर्विकास किया जा रहा है।

पिछले पांच वर्षों में 17 नए तालाबों का निर्माण किया गया है, जबकि 4 पुराने तालाबों का नवीनीकरण किया गया है। इन जल संरचनाओं से बारिश के पानी को संरक्षित करने और भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है।

हरित रेलवे की दिशा में लगातार प्रयास

वृक्षारोपण, हरित क्षेत्र के विस्तार और जल संरक्षण की ये पहलें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की पर्यावरण के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। इन प्रयासों से रेलवे परिसरों की सुंदरता बढ़ने के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में भी योगदान मिल रहा है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का कहना है कि स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण तैयार करना केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से रेलवे हरियाली बढ़ाने, जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने और टिकाऊ रेल परिवेश विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।

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