Anp News Live Korba स्थानीय युवाओं, महिलाओं और नागरिकों से जुड़े रोजगार, जनसुविधा तथा क्षेत्रीय विकास के मुद्दों को लेकर बालको की उत्सव वाटिका में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे रोजगार अधिकार रैली निकाली जाएगी। प्रस्तावित रैली सेक्टर-5 स्थित धन सिंह जी की प्रतिमा से शुरू होकर बालको परसाभाटा गेट तक जाएगी। रैली के बाद बालको प्रबंधन को विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने की बात कही गई।
स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता की मांग
बैठक में शामिल लोगों ने स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता दिए जाने की मांग उठाई। उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से रोजगार और विकास से जुड़े मुद्दे चर्चा का विषय रहे हैं। स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध होने से युवाओं को बाहर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।
प्रतिभागियों ने रोजगार के साथ-साथ स्थानीय महिलाओं के लिए भी विशेष अवसर उपलब्ध कराने की मांग रखी। उनका कहना है कि महिलाओं को रोजगार एवं कौशल विकास से जोड़ने के लिए प्रभावी योजनाओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
बाहरी भर्ती पर रोक की मांग
बैठक में बाहरी लोगों की भर्ती को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। उपस्थित लोगों ने मांग की कि रोजगार के अवसरों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए और स्थानीय पात्र अभ्यर्थियों को पर्याप्त अवसर मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा क्षेत्र में बिजली और पानी की बेहतर व्यवस्था, युवाओं के लिए रोजगार के अतिरिक्त अवसर तथा जनसुविधाओं से जुड़े अन्य मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग भी सामने रखी गई।
CSR योजनाओं में महिलाओं के लिए प्रभावी पहल की मांग
बैठक में कंपनी की सामाजिक उत्तरदायित्व यानी CSR गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने मांग की कि CSR के तहत महिलाओं के लिए रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और अन्य उपयोगी योजनाओं को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए, ताकि स्थानीय महिलाओं को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
साथ ही क्षेत्र के समग्र विकास, मूलभूत सुविधाओं और स्थानीय नागरिकों से जुड़े विषयों पर प्रबंधन द्वारा गंभीरता से विचार करने की अपील की गई।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रतिभागियों ने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
हालांकि, बैठक में यह भी कहा गया कि स्थानीय नागरिक अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक माध्यम से प्रबंधन के समक्ष रखेंगे तथा संवाद के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में कई संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में विभिन्न वार्डों से महिला-पुरुषों और युवाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान जन अधिकार समिति के संस्थापक विकास डालमिया, अध्यक्ष सुनील सुना, कोरबा पर्यावरण विकास समिति के सचिव अजय कुमार, पूर्व बसपा जिला प्रभारी बसंत दिक्सेना, पूर्व पार्षद बांदेकर, हम होंगे कामयाब महिला शक्ति से कलंद्रि परिहार एवं हीरा मैत्री, शुभा तथा कोरबा चेतना विकास समिति की अध्यक्ष विमला बंदे सहित कई नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में आगामी 3 सितंबर की रोजगार अधिकार रैली को लेकर आवश्यक तैयारियों और अधिक से अधिक स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।
अब सभी की नजरें 3 सितंबर को प्रस्तावित रोजगार अधिकार रैली और उसके बाद बालको प्रबंधन की ओर से मांगों पर होने वाली प्रतिक्रिया पर रहेंगी।
