Anp News Live Bemetara जिले में महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के साथ कथित दुर्व्यवहार, अमर्यादित आचरण और मानसिक-आर्थिक उत्पीड़न के आरोपों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ की रायगढ़ जिला इकाई ने विरोध प्रदर्शन किया। तेज बारिश के बावजूद जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर रैली निकाली और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
बारिश के बीच निकली विशाल पैदल रैली
एनएचएम और सीएचओ संवर्ग के कर्मचारी सुबह शहीद कर्नल बिप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में एकत्रित हुए। दोपहर करीब 12 बजे कर्मचारियों ने अनुशासित पैदल रैली शुरू की। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची।
यहां कर्मचारियों ने सभा और मीडिया संवाद के बाद छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री के नाम जिला कलेक्टर रायगढ़ के माध्यम से संयुक्त कलेक्टर धनराज मरकाम को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
महिला कर्मचारियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार का आरोप
संघ पदाधिकारियों ने बेमेतरा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पर गंभीर आरोप लगाए। संघ का दावा है कि शासकीय बैठकों के दौरान महिला कर्मचारियों के सामने प्रधानमंत्री के नाम का कथित रूप से अनुचित और अमर्यादित संदर्भ दिया गया।
इसके अलावा महिला कर्मचारियों पर लेजर लाइट डालकर उन्हें असहज करने, कथित अवांछित शारीरिक स्पर्श तथा आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के आरोप भी लगाए गए हैं। संघ ने इन आरोपों की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
वेतन रोकने और कार्रवाई की धमकी का भी आरोप
कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारियों को वेतन रोकने, सेवा समाप्त करने और एफआईआर दर्ज कराने जैसी कथित प्रशासनिक धमकियों का सामना करना पड़ा। संघ ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच तक CMHO को हटाने की मांग
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी, जिला अध्यक्ष शकुंतला एक्का और सीएचओ संघ के जिलाध्यक्ष संदीप मिंज ने कहा कि कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक बेमेतरा CMHO को वर्तमान पद से हटाया जाए या अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो।
संघ ने रखीं प्रमुख मांगें
एनएचएम कर्मचारी संघ ने ज्ञापन के माध्यम से कई मांगें प्रशासन के सामने रखीं। इनमें—
महिला कर्मचारियों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच।
महिला उत्पीड़न संबंधी शिकायतों की जांच POSH Act, 2013 के प्रावधानों के अनुसार कराने की मांग।
निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित CMHO को वर्तमान पद से हटाने की मांग।
कथित रूप से रोके गए वेतन और PLP इंसेंटिव का भुगतान।
कर्मचारियों से निर्धारित TOR (Terms of Reference) के अनुरूप ही कार्य लेने की मांग।
आरोप प्रमाणित होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सेवा नियमों के तहत कठोर कार्रवाई।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन महिला कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षित कार्यस्थल और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने “महिला कर्मचारियों के सम्मान में—एनएचएम संघ मैदान में” और “निष्पक्ष जांच—हमारा अधिकार, महिला सम्मान—हमारी प्राथमिकता” जैसे नारे भी लगाए।
नोट: समाचार में लगाए गए आरोप कर्मचारी संघ द्वारा किए गए दावों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही उनकी अंतिम सत्यता निर्धारित होगी।
