भाई-बहन के अटूट स्नेह और आत्मीयता का प्रतीक है रक्षाबंधन — जनार्दन प्रसाद श्रीवास
मरवाही। भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के पावन पर्व रक्षाबंधन के अवसर पर जनार्दन प्रसाद श्रीवास ने सभी भाई-बहनों एवं क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, आत्मीयता और एक-दूसरे के प्रति सुरक्षा एवं जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने वाला पावन अवसर है। यह पर्व पारिवारिक रिश्तों के साथ-साथ समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करता है।
जनार्दन प्रसाद श्रीवास ने कामना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन का यह पवित्र स्नेह सूत्र सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और अपार खुशियां लेकर आए। भाई-बहनों के बीच प्रेम और विश्वास सदैव बना रहे तथा उनके रिश्ते इसी तरह निरंतर प्रगाढ़ होते रहें।
उन्होंने सभी से प्रेम, विश्वास और आपसी भाईचारे के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाने की अपील करते हुए कहा कि यह पर्व हमें अपने रिश्तों की अहमियत को समझने और उन्हें और मजबूत बनाने का संदेश देता है।
सोनांचल एकेडमी परिवार की ओर से भी शुभकामनाएं
इस अवसर पर सोनांचल एकेडमी के डायरेक्टर जनार्दन प्रसाद श्रीवास एवं समस्त सोनांचल एकेडमी परिवार की ओर से भी सभी भाई-बहनों को रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।
उन्होंने कहा कि “आइए, इस रक्षाबंधन पर प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के इस पवित्र बंधन को और भी मजबूत बनाएं तथा समाज में स्नेह और भाईचारे का संदेश फैलाएं।”
सस्नेह शुभेच्छु
जनार्दन प्रसाद श्रीवास
डायरेक्टर — सोनांचल एकेडमी
एवं समस्त सोनांचल एकेडमी परिवार
