कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अजीत वसंत ने पात्रता शर्तें पूरी न करने पर एक आवेदक का वन अधिकार पट्टा निरस्त कर भूमि को शासन के नाम दर्ज करने का आदेश जारी किया है। साथ ही तहसीलदार पोंडी उपरोड़ा को राजस्व अभिलेख दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह प्रकरण रामावतार पिता देवनारायण (जाति-गोंड) से संबंधित है, जो मूलतः ग्राम कुम्हारीसानी के निवासी हैं। उन्होंने पिछले 4-5 वर्षों से ग्राम कांसामार, तहसील पोंडी उपरोड़ा में खसरा नंबर 16/1 की 1.216 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर वन अधिकार पट्टा प्राप्त किया था।
न्यायालयीन परीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आवेदक अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 एवं संशोधित अधिनियम 2012 की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते, क्योंकि वे आवेदित ग्राम के मूल निवासी नहीं हैं और 13 दिसंबर 2005 से पूर्व भूमि पर कब्जा भी सिद्ध नहीं कर पाए।
इन्हीं आधारों पर कलेक्टर ने वन अधिकार पट्टा निरस्त कर भूमि को छत्तीसगढ़ शासन के पक्ष में दर्ज करने का आदेश पारित किया।
