रायगढ़। जूटमिल पुलिस ने पशुओं के प्रति क्रूरता एवं अवैध मवेशी परिवहन के एक गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजते हुए अहम सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी दिलीप बोदरा पिता पाण्डु बोदरा, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम संरोक्सी, थाना केबलंग, जिला सुंदरगढ़ (ओडिशा) को गिरफ्तार किया है, जो पिछले करीब एक माह से फरार था।
संदिग्ध स्कॉर्पियो से हुआ था मामले का खुलासा
प्राप्त जानकारी के अनुसार 01 नवंबर की रात्रि जूटमिल पुलिस द्वारा कोडातराई चैक के पास सड़क किनारे खड़ी एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक OD 14 F 5327 को पकड़ा गया था। वाहन चालक मौके से फरार मिला। इससे पहले थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक प्रशांत राव को सूचना मिली थी कि ओडिशा पासिंग स्कॉर्पियो वाहन में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक भरकर ओडिशा के बूचड़खाने ले जाया जा रहा है।
क्रूरतापूर्वक बांधकर ले जाए जा रहे थे मवेशी
मौके पर की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया कि स्कॉर्पियो वाहन में 5 नग मवेशियों को एक साथ क्रूरतापूर्वक बांधकर अवैध रूप से बूचड़खाना परिवहन के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर चालक फरार हो गया था। पुलिस ने मौके पर ही स्कॉर्पियो वाहन को जप्त किया तथा वाहन में पाए गए 2 नग जीवित मवेशियों (अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 50 हजार रुपये) को जप्ती पत्रक के तहत कब्जे में लिया। जीवित मवेशियों को ग्राम कोटवार की देखरेख में सुपुर्द किया गया, जबकि 3 नग मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया गया।
वाहन में बदलाव कर की जा रही थी तस्करी
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने स्कॉर्पियो वाहन की चालक सीट और सामने की सीट को छोड़कर पीछे की सभी सीटें हटवा दी थीं। इसके अलावा वाहन में काले शीशे लगवाकर मवेशियों को छिपाते हुए उन्हें क्रूरतापूर्वक बांधकर अवैध परिवहन किया जा रहा था।
इन धाराओं में दर्ज किया गया अपराध
इस पूरे मामले में थाना जूटमिल में आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 04, 06 एवं 10 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
आरटीओ से मिली जानकारी, आरोपी तक पहुंची पुलिस
विवेचना के दौरान जप्तशुदा वाहन के पंजीकृत स्वामी की जानकारी आरटीओ कार्यालय से प्राप्त की गई, जिसमें वाहन का पंजीकरण जिला सुंदरगढ़, ओडिशा का पाया गया। इसके बाद पुलिस ने लगातार पतासाजी करते हुए कल रात्रि आरोपी को हिरासत में लिया।
आरोपी ने किया अपराध स्वीकार
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने मेमोरेंडम बयान में स्वीकार किया कि वही स्कॉर्पियो वाहन का स्वामी है। उसने बताया कि 31 अक्टूबर की शाम वह 5 नग मवेशियों को वाहन में लोड कर क्रूरतापूर्वक बांधते हुए राउरकेला (ओडिशा) स्थित बूचड़खाने ले जा रहा था। 01 नवंबर की रात्रि करीब 2 बजे वाहन खराब हो जाने के कारण वह उसे कोडातराई गांव के पास छोड़कर फरार हो गया था।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जूटमिल पुलिस की इस कार्रवाई को पशु तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
