कोरबा, ग्राम धतुरा के होनहार छात्र श्रीराम कौशिक और रामभोला कौशिक जी को बिलासपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी ने BCA में प्रथम स्थान हासिल करने पर स्वर्णपदक और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया। श्रीराम कौशिक जी साधारण परिवार से आते हैं इनके पिताजी बारूद फैक्ट्री मुड़ापार में मजदूरी करके अपना परिवार चलाते हैं ऐसे विपरित परिस्थिति में भी अपने बेटे को उच्चस्तरीय शिक्षा के लिये दिल्ली भेजा। श्रीराम कौशिक जी ने अपने माता पिता के आशीर्वाद से अथक परिश्रम किया और BCA में गोल्ड मेडल प्राप्त कर अपने परिवार, समाज और गाँव को गौरौवान्वित किया।साथ में इनके चाचा मोहन लाल कौशिक जी के बेटा रामभोला कौशिक जी भी नोएडा के कंपनी में साफ्टवेयर डेव्लपर के रूप में कार्यरत है।
हमारे धतुरा में यह प्रथम बार है जब कोई राष्टपति, राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री जी से स्वर्ण पदक प्राप्त किया हो। आप दोनो की इस उपलब्धि से पूरा परिवार -समाज और गाँव गौरवान्वित है । पूर्व राष्ट्रपति जी से स्वर्ण पदक प्राप्त करने के बाद श्रीराम कौशिक और रामभोला कौशिक प्रथम आगमन धतुरा में होने पर समस्त परिवारजनों सहित ग्रामीणों ने आतिशबाजी करके ढोल - तासे से भव्य स्वागत किया तत्पश्चात दोनो भाई मां महामाया मंदिर माता जी का पूजन वंदन कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर परिवार जनों द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया जहां श्रीमति बृजबाई मरकाम जी सरपंच तथा श्रीमति राजिन बाई कौशिक जी ने हमारे गाँव का नाम रोशन करने के लिये माला पहनाकर श्रीफल और अंगवस्त्र से दोनो सम्मान का सम्मान किया।
इस अवसर पर श्री दुर्गेश कश्यप जी ने कहा कि मजदुर परिवार से आकर BCA में स्वर्ण पदक प्राप्त करना हम सबके लिये गौरव की बात है जब अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण भाव हो तो ऐसा परिणाम आता है इस अवसर पर अमरनाथ कौशिक महामंत्री भाजपा मंडल हरदीबाजार ने श्रीराम कौशिक और रामभोला कौशिक जी को भगवान श्रीराम जी के चित्र और श्रीफल भेंट किया और सफलता के लिये बधाई देते हुये उज्जवल भविष्य के लिये शुभकामना दिया।
सम्मान समारोह में पं. दयानंद शास्त्री जी ने वैदिक मंत्रोच्चार और पुष्प वर्षा करवाकर परिवारजनों, ग्रामीणों, तथा दोस्तों से दोनों स्वागत करवाया। इस अवसर पर श्री पितर सिंह मरकाम जी, श्री बिपत राम कौशिक जी, श्री घासी सिंह जी, ज्ञानेंद्र कौशिक, कमल किशोर, सत्या कौशिक, रामधन, मुकेश कौशिक, विजय, रामेश्वर, भागवत कश्यप, तीजराम, मिलेराम, शीतल, विष्णु, छोटेलाल, दौलत, भुनेश्वर, केशुभाई, रामगोपाल, रॉकी, शिव, समस्त पंचगण सहित भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे ।
