राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम कल्लू बंजारी में एक किराना दुकान में यूरिया खाद की अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, खाद्य निरीक्षक जी.पी. सहारे एवं थाना छुरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारते हुए गीतेश पटेल किराना स्टोर्स से बिना लाइसेंस के यूरिया खाद बेचने के मामले में कड़ी कार्रवाई की।
ग्राहक बनकर की गई जांच
जानकारी के अनुसार खाद्य निरीक्षक ने स्वयं ग्राहक बनकर गीतेश पटेल की दुकान से एक बोरी यूरिया खाद 900 रुपये में खरीदी, जबकि इसकी वैध दर इससे कहीं कम थी। इसके अतिरिक्त एक पैकेट माइक्रोलाइज़र खाद भी बेचा गया। मौके पर ही कार्रवाई करते हुए दुकान से छह बोरी यूरिया और अन्य खाद सामग्री जब्त की गई।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज
इस कार्रवाई के तहत आरोपी दुकानदार पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। खाद्य विभाग, कृषि विभाग और पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई क्षेत्र में सराही जा रही है।
क्या बड़ी मछलियाँ बच रही हैं?
स्थानीय ग्रामीणों और किसान संगठनों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना तो की है, लेकिन सवाल भी उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बड़ी मात्रा में खाद की कालाबाजारी करने वाले मुख्य आपूर्तिकर्ताओं पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व गैंटाटोला गांव में 560 बोरी यूरिया खाद एक सरकारी भवन से जब्त की गई थी, लेकिन उस मामले में अब तक कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई केवल छोटी दुकानों तक सीमित रह गई है, जबकि गैंदाटोला, चिचोला, जोब, खोभा जैसे गांवों में भी खुलेआम कालाबाजारी हो रही है।
किसानों की मांग
किसानों की मांग है कि शासन-प्रशासन को इस तरह की छापेमारी केवल एक गांव तक सीमित नहीं रखनी चाहिए, बल्कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से छापेमारी करनी चाहिए। खेती के इस प्रमुख मौसम में किसान सही कीमत पर खाद पा सकें, यह प्रशासन की ज़िम्मेदारी है।
