राजधानी के डॉ. भीमराव अम्बेडकर मेमोरियल अस्पताल में बीती देर रात एक विवादास्पद घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर को हिला दिया। एक घायल युवक को लेकर पहुंचे दो युवकों के साथ जूनियर डॉक्टरों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगा है। मामले में मोहदापारा थाने में शिकायत दर्ज की गई है।
क्या हुआ था?
अशोक नगर निवासी कैलाश शर्मा और पुरुषोत्तम शर्मा एक सड़क हादसे में घायल युवक को लेकर अस्पताल पहुंचे। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने डॉक्टर से मरीज की हालत पूछी, तो डॉक्टर भड़क गए और बदसलूकी शुरू कर दी। इसके बाद वहां मौजूद अन्य डॉक्टरों ने भी उनसे मारपीट की।
CCTV फुटेज अधूरा
घटना की सच्चाई जानने के लिए CCTV फुटेज की मांग की गई, लेकिन जो फुटेज अस्पताल प्रशासन ने दिया, वह अधूरा बताया जा रहा है। आरोप है कि मारपीट के दृश्य जानबूझकर नहीं दिखाए गए, जिससे प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।
पहले भी विवादों में रहा है अस्पताल
यह कोई पहली घटना नहीं है – इससे पहले भी अम्बेडकर अस्पताल में मरीजों और परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। अक्सर डॉक्टरों और सुरक्षाकर्मियों के आक्रामक रवैये की बात सामने आती है, लेकिन ठोस कार्रवाई कम ही दिखती है।
पुलिस की जांच जारी
मोहदापारा थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों से शिकायतें मिली हैं, और जांच जारी है। अस्पताल प्रबंधन ने भी जांच समिति के गठन की बात कही है।
उठते हैं अहम सवाल –
क्या अस्पतालों में संवाद की कमी हिंसा को जन्म दे रही है?
क्या डॉक्टरों को तनाव और व्यवहार प्रबंधन का प्रशिक्षण जरूरी है?
क्या मरीजों और परिजनों के साथ और अधिक संवेदनशीलता और सम्मान की आवश्यकता है?
जनता की मांग है कि निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा अस्पतालों में संवाद और सम्मान का माहौल बने। यह घटना सिर्फ अस्पताल का मामला नहीं, यह सिस्टम की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की परीक्षा भी है।
