मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रस्तावित कोरबा प्रवास से पहले ही स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी आवाज़ बुलंद कर दी है। मंगलवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) कर्मचारी संघ की जिला इकाई ने अनोखे अंदाज़ में विरोध दर्ज कराते हुए हसदेव नदी में ‘जल सत्याग्रह’ किया।
जल में खड़े होकर जताया विरोध
बड़ी संख्या में कर्मचारी हसदेव नदी के पानी में उतरकर खड़े हो गए और अपनी लंबित मांगों को दोहराया। उनका कहना था कि वर्षों से आंदोलन और ज्ञापन देने के बावजूद समस्याओं का हल नहीं निकला।
मनोकामना रैली और मां सर्वमंगला को चुनरी अर्पित
प्रदर्शन के बाद सभी कर्मचारी एक साथ रैली की शक्ल में निकले और इसे ‘मनोकामना रैली’ का नाम दिया। रैली मां सर्वमंगला मंदिर पहुंची, जहां कर्मचारियों ने चुनरी अर्पित कर सरकार से अपनी जायज़ मांगों को पूरा करने की प्रार्थना की।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी मुख्य मांगों में —
वेतन विसंगति का निराकरण
नियमितीकरण
अन्य सेवा संबंधी लाभ शामिल हैं।
सरकार को चेतावनी
कर्मचारियों ने साफ कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा। उनका विश्वास है कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले इस तरह का शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक विरोध सरकार का ध्यान उनकी समस्याओं की ओर खींचेगा।
