पीथमपुर में संत सम्राट शिरोमणि कबीर साहब की 628वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई

समाज में शिक्षा और जागरूकता के लिए संत कबीर के विचार आज भी प्रासंगिक - हरिराम चौहान

पीथमपुर। संत सम्राट शिरोमणि कबीर साहब की 628वीं जयंती पीथमपुर में बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सर्व बलाई समाज समिति द्वारा एक भव्य आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष आनंद करौले ने की। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी और कबीरपंथी विचारक हरिराम चौहान मुख्य अतिथि रहे, जबकि जन चेतना कबीर मंच, तारपुरा से जुड़े डॉक्टर रामलाल मेवाड़ा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।

जयंती समारोह के दौरान विशेष अतिथि डॉक्टर मेवाड़ा ने कबीर साहब के जीवन, उनके काव्य और समाज सुधारक विचारों पर प्रकाश डालते हुए गुरु वंदना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि कबीर साहब ने जातिवाद, अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया और समाज में समता, करुणा और ज्ञान का संदेश दिया।

मुख्य अतिथि हरिराम चौहान ने अपने उद्बोधन में कबीर साहब की शिक्षा और विचारधारा को वर्तमान समय में अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि आज समाज में शिक्षा और जागरूकता की जितनी जरूरत है, उतनी पहले कभी नहीं थी। संत कबीर और डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलकर ही हम सामाजिक समरसता और विकास की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने समाज के युवाओं से अधिक से अधिक शिक्षा प्राप्त करने और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन बी.आर. अंजने ने किया और आभार बाग सिंह फुलवारे ने व्यक्त किया। आयोजन में श्री रमेश चंद्र सोनवानी, शिवराम सिटोले, प्रकाश मेवाड़ा, राकेश कनाडा समेत समाज के अनेक वरिष्ठ नागरिक, समाजसेवी और कबीरपंथी विचारधारा से जुड़े अनुयायी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कबीर साहब की वाणियों का पाठ किया गया, उनके विचारों को गीतों और भजनों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिससे कार्यक्रम में आध्यात्मिकता और प्रेरणा का समावेश रहा। आयोजन में सामाजिक सौहार्द, ज्ञान और समता का संदेश गूंजता रहा।

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