आदिवासी क्षेत्र में औद्योगिकरण का विरोध — बनाई कोल ब्लॉक के भू अर्जन को निरस्त करने की मांग

रायगढ़-आदिवासी बाहुल्य रायगढ़ जिले में औद्योगिकरण और कोल माइंस के बढ़ते विस्तार ने एक बार फिर स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। खेती और वनोपज पर निर्भर रहने वाले ग्रामीण लगातार घटते जंगलों और सिकुड़ते कृषि रकबे से परेशान हैं। अब शासन द्वारा बनाई कोल ब्लॉक के लिए किए जा रहे भू-अर्जन के खिलाफ ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुँच कर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है।

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि शासन ने पिछले 10 वर्षों से उनकी जमीनें अधिग्रहित कर ली हैं। इस स्थिति से परेशान होकर ग्रामीणों ने मांग की है कि इन कंपनियों का भू अर्जन तत्काल निरस्त किया जाए और अन्य किसी भी निजी कंपनी को जमीन न दी जाए।

ग्राम पंचायत नूनदरहा में विरोध का स्वर तेज

ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्राम पंचायत नूनदरहा के ग्रामीणों ने बताया कि बनाई कोल ब्लॉक के अंतर्गत उनकी भूमि को जबरन अर्जित करने की प्रक्रिया चल रही है। ग्राम सभा में इस विषय पर प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट निर्णय लिया गया है कि कोल ब्लॉक के लिए किसी भी कंपनी को भूमि नहीं दी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि खेती ही उनका मुख्य आजीविका साधन है, और कोयला खदानों के कारण क्षेत्र का पर्यावरण, जलस्रोत और वन जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

कलेक्टर से न्याय की उम्मीद

ग्रामीणों ने कलेक्टर से ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया है कि वे बनाई कोल ब्लॉक के तहत हो रहे भू-अर्जन की प्रक्रिया को तुरंत रद्द करें और ग्रामीणों की जमीनों को सुरक्षित रखने की दिशा में कदम उठाएँ। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाने को बाध्य होंगे।

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