रणजीत अष्टमी पर इंदौर में आस्था का महासागर, बाबा रणजीत हनुमान की प्रभात फेरी ने रचा भक्ति का इतिहास

इंदौर। रणजीत अष्टमी के पावन अवसर पर इंदौर एक बार फिर आस्था, श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। तड़के सुबह से ही बाबा रणजीत हनुमान की विशाल प्रभात फेरी में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब सड़कों पर उमड़ पड़ा। कड़ाके की ठंड और सुबह की ठिठुरन के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई और हर ओर “जय श्री राम” व “जय बजरंगबली” के जयघोष गूंजते रहे।

 

स्वर्ण रथ पर विराजमान बाबा रणजीत हनुमान के अलौकिक दर्शन के लिए श्रद्धालु घंटों इंतजार करते नजर आए। रथ के आगे-पीछे सजीव झांकियां, ढोल-नगाड़ों की गूंज, डीजे पर बजते भक्ति गीत और भजन मंडलियों की सुमधुर प्रस्तुतियों ने पूरे शहर को भक्तिमय वातावरण में बदल दिया। प्रभात फेरी द्रविड़ नगर से प्रारंभ होकर महू नाका, दशहरा मैदान और प्रमुख मार्गों से होती हुई अन्नपूर्णा मंदिर तक पहुँची।

 

भीड़ की व्यापकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रभात फेरी को एक किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग साढ़े तीन घंटे का समय लग गया। मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर बाबा का स्वागत करते नजर आए। कई स्थानों पर समाजसेवी संगठनों और स्थानीय नागरिकों द्वारा चाय, गर्म दूध, प्रसाद और जल वितरण की व्यवस्था की गई, जिससे ठंड में शामिल श्रद्धालुओं को राहत मिली।

 

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिस बल, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की मदद से भीड़ प्रबंधन किया गया, वहीं ट्रैफिक डायवर्जन के माध्यम से शहर में यातायात को नियंत्रित रखा गया। चिकित्सा दल भी सतर्क रहा, ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

 

श्रद्धालुओं का मानना है कि रणजीत अष्टमी पर बाबा रणजीत हनुमान के दर्शन से कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। प्रभात फेरी के दौरान उमड़ा आस्था का यह सैलाब न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक बना, बल्कि इंदौर की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाता नजर आया।

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