कोंडागांव, 3 जनवरी 2026 | छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध लोक पर्व छेरछेरा शनिवार को कोंडागांव शहर एवं ग्रामीण अंचलों में पारंपरिक उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। सुबह से ही बच्चे, युवा और बुजुर्ग हाथों में तोलिया (थैला) लेकर घर-घर अनाज मांगने निकले। “छेरछेरा-छेरछेरा, अन्न दान पुण्य बढ़े” के उद्घोष से माहौल पूरी तरह लोकमय हो गया।
पर्व के दौरान लोगों ने आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का परिचय दिया। शहर के मोहल्लों से लेकर गांवों तक नागरिकों ने खुले मन से अनाज दान किया और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। कोंडागांव नगर क्षेत्र में भी छेरछेरा पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला, जहां लोगों ने परंपरा का सम्मान करते हुए पर्व को सफल बनाया।
छेरछेरा पर्व नई फसल के स्वागत और दान-पुण्य की भावना का प्रतीक माना जाता है, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।
