बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त सागर को ज्ञापन सौंपकर ओरछा की सरकारी भूमि में हुए घोटाले की कड़ी निंदा की।
मोर्चा ने ज्ञापन में बताया कि ओरछा की करोड़ों की सरकारी जमीन को दस्तावेजों में हेराफेरी कर अवैध रूप से खरीदा गया है। अपर आयुक्त के संज्ञान में मामला आने पर 24 जुलाई 2025 को आदेश पारित कर जमीन को पुनः ‘सरकारी’ दर्ज करने और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे।
प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि भूमि को सरकारी दर्ज तो कर दिया गया है, लेकिन दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों की पहचान नहीं हुई और न ही जमीन का भौतिक कब्जा लिया गया। आदेश के बावजूद कार्रवाई अधूरी रहने से मोर्चा में आक्रोश है।
मोर्चा ने मांग की कि मध्यप्रदेश सरकार तुरंत जमीन का कब्जा लेकर दोषी अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों पर कठोर धाराओं में एफआईआर दर्ज करे। चेतावनी दी गई कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्यवाही नहीं हुई, तो मोर्चा सरकार का विरोध करने और उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होगा।
इसी दौरान ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि बुंदेलखंड क्षेत्र में उपभोक्ताओं पर जबरन स्मार्ट मीटर थोपे जा रहे हैं, जिनका विरोध किया जाएगा। मोर्चा ने कहा कि गरीब और पिछड़े क्षेत्रों में महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर का बोझ उपभोक्ताओं पर डालना अनुचित है।
ज्ञापन सौंपने वालों में रघुराज शर्मा, रजनीश श्रीवास्तव, अंकलेश्वर दुबे, अन्नी दुबे, विवेक तिवारी, जगदीश तिवारी और प्रदीप झा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
