24 वर्षीय युवक का आयुष उपचार केंद्र में बिना ऑपरेशन के इलाज, पूरी तरह स्वस्थ हुआ

रायगढ़- जिले के पुसौर में स्थित आयुष उपचार केंद्र ने एक 24 वर्षीय युवक को पूरी तरह स्वस्थ किया, जिसे आधुनिक चिकित्सा पद्धति में बड़ी शल्यक्रिया (ऑपरेशन) की सलाह दी गई थी। यह युवक कई महीनों से बुखार, पेशाब में जलन, पेट दर्द और पेशाब खुलकर न होने जैसी गंभीर समस्याओं से पीड़ित था। इसके लिए उसने लगातार आधुनिक चिकित्सा उपचार और संक्रमणरोधी दवाइयाँ लीं, लेकिन केवल कुछ समय के लिए ही राहत मिली और समस्याएँ फिर लौट आती थीं।

जांच में मूत्रमार्ग में संकुचन (अवरोध) की पुष्टि होने पर चिकित्सकों ने शल्यक्रिया की सलाह दी। ऑपरेशन के विचार से युवक चिंतित हो गया और इतनी कम उम्र में बड़ी सर्जरी कराने के लिए तैयार नहीं था।

इसी दौरान वह डॉ. देवाशीष रॉय चौधरी, विशेषज्ञ चिकित्सक, के पास पुसौर स्थित विशेष आयुष चिकित्सा केंद्र में परामर्श के लिए पहुँचा। चिकित्सक ने उसकी स्थिति को मुत्रकृच्छ का मामला मानते हुए आयुष पद्धति से उपचार प्रारम्भ किया।

उपचार के दौरान शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई पित्त दोष शांत करने वाली और मूत्रमार्ग का अवरोध दूर करने वाली दवाइयाँ नियमित रूप से दी गईं। इसके साथ ही पंचकर्म विधि के अंतर्गत महाचन्दनादि तेल से उत्तरबस्ती उपचार साप्ताहिक रूप से किया गया। पूरी चिकित्सा प्रक्रिया में सभी चिकित्सकीय सावधानियों का कड़ाई से पालन किया गया।

लगभग दो महीने की व्यवस्थित चिकित्सा के बाद युवक पूरी तरह स्वस्थ हो गया। अब उसकी पेशाब की परेशानी, पेट दर्द और जलन जैसी सभी समस्याएँ समाप्त हो चुकी हैं। आयुष उपचार केंद्र की टीम ने बताया कि यह मामला यह साबित करता है कि आयुष पद्धति गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में भी प्रभावी और सुरक्षित विकल्प प्रदान कर सकती है।

इस सफलता से न केवल मरीज और उसके परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास भी बढ़ा है।

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