कथित धर्म परिवर्तन व आदिवासियों पर अत्याचार के विरोध में रायगढ़ में छत्तीसगढ़ बंद का व्यापक असर

रायगढ़। कांकेर जिले के आमाबेड़ा में कथित धर्म परिवर्तन और आदिवासियों के साथ की गई बर्बरता की घटना के विरोध में सर्व समाज द्वारा आहूत छत्तीसगढ़ बंद का बुधवार को रायगढ़ जिले में व्यापक असर देखने को मिला। बंद के चलते शहर की अधिकांश दुकानें सुबह से ही बंद रहीं और सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।

बंद के आह्वान का प्रभाव रायगढ़ के प्रमुख और व्यस्त बाजार क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से नजर आया। सुभाष चौक, श्याम टॉकीज रोड, स्टेशन रोड, चक्रधर नगर रोड, ढिमरापुर रोड सहित अन्य इलाकों में जहां आमतौर पर सुबह 8 से 9 बजे तक दुकानें खुल जाती हैं, वहां पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। सर्व समाज के लोग सुबह से ही शहर में भ्रमण करते दिखाई दिए। हालांकि राहत की बात यह रही कि कहीं से भी किसी प्रकार की जबरदस्ती या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।

पुलिस रही पूरी तरह अलर्ट, हालात शांतिपूर्ण

इस संबंध में डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने बताया कि जिलेभर में पुलिस पूरी तरह सतर्क है। शहर में सभी डीएसपी एवं पुलिस बल लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही थानों की पुलिस द्वारा वाहन पेट्रोलिंग भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में कहीं भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई है और स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी हुई है।

चेंबर ऑफ कॉमर्स ने दिया बंद को समर्थन

छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री मनीष उदासी ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्व समाज द्वारा छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया गया था, जिसे देखते हुए चेंबर ऑफ कॉमर्स ने बंद को समर्थन देने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय देश हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि छोटे व्यापारियों, कच्चा व्यापार करने वालों एवं डेयरी जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़ी दुकानों को बंद से छूट दी गई है।

छत्तीसगढ़ बंद के दौरान रायगढ़ में शांति और अनुशासन बना रहा, वहीं व्यापारिक गतिविधियों पर इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिला।

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