कभी भूखा रहा, तो माँ ने खिलाया।
कभी टूटा हौसला, तो पापा ने कंधा देकर बढ़ाया।।
दुनिया ने तो बस बातें कीं।
पर आप दोनों ने मेरी हर खामोशी को समझा।।
आपने मुझे दुनिया में रहने के लिए सम्मान से जीना सिखाया।
अपने हर दर्द को सीने में छुपाकर, मुझे सुकून से सुलाया।।
माँ की ममता की कोई मिसाल नहीं।
और पापा के त्याग की कोई हिसाब नहीं।।
इस दुनिया में जो सबसे पवित्र है, वो मंदिर में नहीं।
माँ-पापा की थकी हुई हथेलियों में मिलता है।।
पर आप दोनों के बिना थक गया हु इस जिंदगी से, अब बस मुझे इस जन्म दिन पर।
मां आपका आशीर्वाद और पापा आपके आशीर्वाद के साथ आपके चढ़नो में जगह चाहिए।
आपके लिए पूरी ज़िंदगी समर्पित करता हूँ।।
