कोरबा। पुलिस रिकॉर्ड के द्वारा दी गयी अधिकृत जानकारी के अनुसार कोरबा जिला में पुलिस द्वारा वर्ष 2025 के दौरान अपराध नियंत्रण एवं त्वरित कार्यवाही के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। कोरबा पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में दर्ज कुल अपराधों में से लगभग 88 प्रतिशत मामलों का निराकरण किया गया है,
जो पुलिस की सक्रियता और कार्यकुशलता को दर्शाता है। वही पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2025 में जिले में 7241 अपराध पंजीबद्ध हुए, जिनमें से 6372 मामलों का सफलता पूर्वक निराकरण किया गया। शेष मामलों में भी जांच प्रक्रिया प्रगतिशील अवस्था में है। तुलनात्मक रूप से देखें तो वर्ष 2023 और 2024 की अपेक्षा अपराधों के निराकरण की दर में निरंतर सुधार दर्ज किया गया है। आंकड़ों के अनुसार संपत्ति संबंधी अपराधों में भी पुलिस की कार्रवाई प्रभावी रही।
चोरी, नकबजनी एवं लूट जैसे मामलों में आरोपियों की पहचान कर त्वरित गिरफ्तारी की गई। वर्ष 2025 में संपत्ति संबंधी अपराधों में निराकरण प्रतिशत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वही पुलिस अधीक्षक के सूझबूझ से लूट में 19.4 प्रतिशत, बलात्कार में 30.0 प्रतिशत, नकबजनी में 1.93 प्रतिशत, एनडीपीएस अधिनियम में कमी आई है। लेकिन पुलिस के लिए चिंता का विषय है जैसे- हत्या में 20 प्रतिशत, चोरी में 2 प्रतिशत, बलवा में 76 प्रतिशत, प्रताड़ना में 100 प्रतिशत सहित मादक पदार्थ गांजा में भी बढ़ोतरी हुई है। जबकि संगठित अपराधों पर भी कोरबा पुलिस ने सख्त रुख अपनाया।
वर्ष 2024 में जहां ऐसे मामलों की संख्या मात्र 2 थी, वहीं वर्ष 2025 में प्रभावी कार्रवाई करते हुए 38 मामलों में कार्यवाही की गई। कुल मिलाकर दो वर्षों में संगठित अपराधों के 40 मामलों पर पुलिस ने कार्यवाही की है। वही इस संबंध में कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी का कहना है कि अपराध नियंत्रण के लिए लगातार गश्त, तकनीकी संसाधनों का उपयोग, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी तथा आम जनता के सहयोग से यह सफलता मिली है। आने वाले समय में अपराधों की रोकथाम के लिए और अधिक सख्त एवं प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
